संतकबीरनगर/ मेंहदावल। नगर पंचायत मेंहदावल और नगर पंचायत हरिहरपुर में आठ साल पहले बनी पेयजल की परियोजनाएं अभी तक नगर प्रशासन को हैंडओवर नहीं हो पाई हैं। इसकी वजह से नगर वासियों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। जल निगम ग्रामीण, जल निगम शहरी अपना-अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों की समस्याएं बनी हुई हैं।
आठ साल पहले 4.50 करोड़ की लागत से नगर पंचायत मेंहदावल में पेयजल की परियोजना बनी थी। जल निगम ग्रामीण ने कार्य शुरू कराया। वाटर टैंक निर्माण के साथ पाइप लाइन बिछाई गई, लेकिन ट्रायल में व्यवस्था फेल हो गई। कई स्थानों पर बिछाई गई पाइप लाइन में लीकेज का मामला सामने आया। वहीं कई वार्डों में पाइप लाइन का कार्य भी आधा अधूरा कराया। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी प्रदीप कुमार ने जल निगम को पत्र लिखकर यथाशीघ्र कार्य पूर्ण कराते हुए परियोजना नगर पंचायत को हैंड ओवर करने के कहा, लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो अधूरा कार्य पूर्ण कराया गया और न ही परियोजना हैंडओवर हो पाई।
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नगर पंचायत में करोड़ों की लागत से वाटर सप्लाई की परियोजना कई वर्षों से अधूरी पड़ी है। कस्बे वासियों को शुद्ध पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। यह योजना भ्रष्टाचार व अनियमितता की भेंट चढ़ गई अब तक यह कार्य योजना पूरा न होने के कारण नगर पंचायत को कार्यदायी संस्था ने हैंड ओवर तक नहीं कर पाया।
-चौथ कुमार, कुसफर वार्ड निवासी, मेंहदावल
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वार्ड में बुनकर व मलिन बस्ती है। नगर पंचायत के जरिये जगह-जगह जलकल की टोंटी लगाई गई है, लेकिन पानी टंकी बनने तथा पाइपलाइन बिछाने के बाद भी जल निगम के पहले ट्रायल में जगह-जगह पाइपों से पानी का रिसाव होने लगा, जिसके कारण यह परियोजना अधर में लटक गई।
-बदरे आलम, निवासी, सानी केवटलिया
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वाटर सप्लाई की परियोजना में कमी के कारण नगर पंचायत प्रशासन ने हैंड ओवर की प्रक्रिया नहीं पूरी की है। परियोजना को पूरा कराते हुए ट्रायल के बाद परियोजना को हैंडओवर करने के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा गया है।
-संदीप कुमार सरोज, अधिशासी अधिकारी
इसी तरह छह साल पहले नगर पंचायत हरिहरपुर के वार्ड छह जवाहर नगर में बनकर तैयार हुई पानी की टंकी नगर पंचायत को हस्तांतरित नहीं हो सकी। स्थिति यह है कि नगर के लोगों को पानी की आपूर्ति मिलना तो दूर अब वाटर हेड टैंक का संचालन भी बंद है। इस बात की गवाही परिसर में उगी झाड़ियां दे रही हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां कोई कर्मचारी नहीं आता है। दस वार्डों में बंटे नगर में पांच सौ केएल क्षमता के वाटरहेड से पानी की आपूर्ति होती है। जो नगर की बड़ी आबादी के लिए नाकाफी है।जगदीशपुर में बनी पानी की टंकी का संचालन न होने से नगर में पेयजल का संकट गहरा गया है। गर्मी के मौसम में जलापूर्ति की किल्लत है। लोगों का कहना है कि सप्लाई के लिए लगे पाइप जगह फट गए हैं।जिससे ट्रायल के समय ही सप्लाई चालू नहीं हो सकी थी।
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मेंहदावल में आठ साल पहले की परियोजना है। किन कारणों से नगर प्रशासन को हैंडओवर नहीं हो पाई, इसकी जानकारी नहीं है। इस प्रकरण में आईजीआरएस से शिकायत भी मिली थी। उसके बाद पत्रावली को देखा। वैसे व्यावहारिक परियोजना चल रही है। जल निगम शहरी अब नए सिरे से परियोजना तैयार कर रही है। हरिहरपुर का प्रकरण संज्ञान में नहीं है। जानकारी जुटा कर समस्या का समाधान कराएंगे।
- संजय जायसवाल, एक्सईएन, जल निगम, ग्रामीण
नगर पंचायत मेंहदावल और नगर पंचायत हरिहरपुर की परियोजना अभी तक शहरी जल निगम को हस्तांतरित नहीं हुई है। जल निगम ग्रामीण के जरिये इन दोनों परियोजनाओं पर कार्य कराया गया था, जो कार्य कराया है, वही बता पाएगा कि आखिर परियोजना क्यों नहीं चली और कब तक चलेगी।
- सुदेश कुमार, एक्सईएन जल निगम शहरी