धनघटा तहसील परिसर में अचेत हुए नारायणपुर गांव निवासी रामकेश
संतकबीरनगर। धनघटा तहसील परिसर में पेयजल की व्यवस्था न होना फरियादियों पर भारी पड़ने लगा है। शुक्रवार को फरियाद लेकर तहसील पहुंचे रामकेश को घंटों पानी नहीं मिला तो वह अचेत होकर गिर पड़े। उन्हें गिरा देख अधिवक्ताओं ने आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भिजवाया। उसके बाद बैठक कर पानी पीने का इंतजाम न किए जाने पर रोष व्यक्त किया। नरायनपुर गांव निवासी रामकेश पुत्र रामधनी तहसील परिसर में समस्या का समाधान कराने के लिए आए थे। वह न्याय की आस में 11 बजे से दो बजे तक बैठे रहे। उन्हें प्यास लगी तो तहसील परिसर में पानी की तलाश करने लगे। पानी न मिलने के बाद वह आकर अपनी जगह बैठ गए। कुछ ही देर बाद वह अचेत होकर गिर पड़े। उन्हें गिरा देख अधिवक्ताओं ने एंबुलेंस बुलवाई और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली भेजा। जहां उनका इलाज चल रहा है।
अधिवक्ताओं ने बैठक कर कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण तहसील परिसर के सारे संसाधन बंद पड़े हैं। बार-बार मांग किए जाने के बाद भी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसका खामियाजा यहां के फरियादी और अधिवक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विशंभर नाथ बौद्ध ने बताया कि इस समस्या को लेकर शनिवार को तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की आवश्यक बैठक होगी, जिसमें समस्या के समाधान के लिए रणनीति पर चर्चा की जाएगी।