नगर पंचायत हरिहरपुर में सात साल पहले बनकर तैयार हुई पेयजल परियोजना
हरिहरपुर। नगर पंचायत हरिहरपुर में सात साल पहले बनकर तैयार हुई पेयजल परियोजना हस्तांतरण के पेच में फंसकर धराशायी हो गई। इससे नगर में पेयजल संकट की स्थिती बनी हुई है। लोगों के घरों में टोटियों से अब तक पानी नहीं मिल पाया है। परियोजना स्थल परिसर में झाड़-झंखाड़ उग गए हैं तो इसकी दुर्दशा की गवाही दे रहे हैं।
10 वार्डों में बंटे नगर पंचायत हरिहरपुर की कुल आबादी करीब 15 हजार के आसपास है। नगर पंचायत हरिहरपुर में बनी पांच सौ किलोलीटर की पुरानी टंकी के सहारे नगर की पेयजल व्यवस्था संचालित हो रही है। जल निगम ग्रामीण के जरिए सात साल पहले नगर पंचायत हरिहरपुर के जगदीशपुर मोहल्ले में बनकर तैयार हुई पानी की टंकी नगर पंचायत को अब तक हस्तांतरित नहीं हो सकी और इससे आपूर्ति भी नहीं की जा रही है।
नगर के लोगों का कहना है कि बीते दो साल पहले तक जल निगम का एक कर्मचारी यहां तैनात था। कुछ वार्डों में पानी की सप्लाई भी दी जा रही थी, लेकिन लीकेज के चलते जलापूर्ति नहीं की जा सकी। आलम यह है कि इस समय परियोजना स्थल पर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। परियोजना स्थल के गेट और ट्यूबवेल के कमरे का दरवाजा खुला पड़ा है।
मौके पर कोई कर्मचारी यहां मौजूद नहीं रहता है। नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि जगदीशपुर में बनी पेयजल परियोजना नगर को हस्तांतरित नहीं हुई है।