संतकबीरनगर। भीषण गर्मी पड़ रही है। लोगों के हलक सूख रहे हैं, लेकिन सिस्टम है कि सिर्फ आश्वासन देने तक ही सिमटा हुआ है। शहर की 50 फीसदी आबादी पेयजल किल्लत से जूझ रही है। स्थिति यह है कि 25 वार्डों में से अभी तक सिर्फ 13 वार्डों में ही जलापूर्ति की व्यवस्था
है। जिसे एक मात्र ओवरहेड टैंक से जैसे- तैसे पानी की आपूर्ति की रही है। सीमा विस्तारित व नई बसी बस्तियों में पेयजल के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं हो सका है। दूसरी तरफ शहर में लगे वाटर कूलर बेकार हो चुके हैं।
नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार के बाद नगरीय क्षेत्र की आबादी एक लाख के ऊपर पहुंच गई है। यह आबादी 25 वार्डों में बटी है। पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए नगर पालिका परिषद ने 22 सौ किलोलीटर की क्षमता का ओवरहेड टैंक बनवाया है। इसके साथ ही चार नलकूप बनवाएं गए हैं, ताकि शहरवासियों को पानी की आपूर्ति प्रतिदिन की जा सके, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी है। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रति व्यक्ति औसतन 135 लीटर पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन जो व्यवस्था है, वह नाकाफी है। लोगों के घरों तक पानी पहुंचने के लिए सिर्फ 2100 घरों तक ही पेयजल का कनेक्शन हुआ है। ऐसे में शहर के आधे क्षेत्र की आबादी जलापूर्ति से वंचित है। शहर के विभिन्न वार्डों में कुल 236 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से भी कई हैंडपंप या तो खराब हैं या प्रदूषित पानी दे रहे हैं।
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सीमा विस्तारित क्षेत्रों व नई बस्तियों में जलापूर्ति का इंतजाम नहीं
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार एक अक्तूबर 2020 को हुआ था। करीब ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन इन विस्तारित क्षेत्रों में अब तक जलापूर्ति के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सका हैं। ऐसे में सीमा विस्तार में शामिल 16 गांव के लोगों को अब भी हैंडपंपों के सहारे ही पानी मिल रहा है। इसके साथ ही जो नई बस्तियां बनी हैं, वहां पर भी जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं है। सीमा विस्तारित क्षेत्र के नरेंद्र कुमार, संजय मिश्र आदि ने कहा कि ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जलापूर्ति की व्यवस्था न होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में समस्या बढ़ गई है।
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शहर में लगे वाटर कूलर हो गए बेकार
शहरवासियों और बाहर से आने वाले लोगों को स्वच्छ व शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर 11 वाटर कूलर लगाए गए थे, लेकिन एक-दो को छोड़कर सभी बेकार हो गए हैं। कहीं ढांचा बचा है, तो कहीं वह भी गायब हो गया है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर लगी टोटियां भी नहीं दिख रही हैं। शहर के मुखलिसपुर तिराहा, मेंहदावल बाईपास, मोती चौराहा, खलीलाबाद तहसील परिसर आदि स्थानों पर लगे वाटर कूलर पूरी तरह से बेकार हो गए हैं। मेंहदावल बाईपास पर सिर्फ ढांचा बचा है। साथ ही अन्य स्थानों पर लगे वाटर कूलर किसी काम के नहीं हैं।
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मुखलिसपुर रोड पर बन रहा वाटर एटीएम अधूरा
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में पानी की समस्या को दूर करने के लिए डाक बंगला के सामने एक वाटर एटीएम लगाया गया है, जो चालू हालत में है, जबकि मुखलिसपुर रोड के पास वाटर एटीएम अधूरा पड़ा है। बताया जा रहा है कि यह एटीएम ओवरब्रिज के नीचे हैं, जिस पर सेतु निगम ने आपत्ति लगा दी है। सेतु निगम के लोगों का कहना है कि पानी के चलते ओवरब्रिज के पीलर को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए कार्य ठप पड़ा हैं।
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गर्मी लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण पानी की जरूरत भी बढ़ गई है, लेकिन शहर में लगे वाटर कूलर बेकार हैं। सार्वजनिक टोटियां भी खराब हैं। इससे पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। सीमा विस्तारित क्षेत्रों में तो जलापूर्ति की व्यवस्था ही नहीं है।
-शैलेंद्र कुमार, शहरवासी
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खलीलाबाद शहर का सीमा विस्तार हुआ तो उम्मीद जगी कि इन क्षेत्रों में जलापूर्ति की व्यवस्था होगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में पानी के लिए भटकने की मजबूरी बनी हुई है।
-आशीष नायक, शहरवासी
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शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सीमा विस्तारित व नई बस्तियों के लिए योजना तैयार कराई जा रही है। अभी निकाय चुनाव चल रहा है, चुनाव के बाद बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव कराकर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
-विनय कुमार मिश्र, ईओ, नगर पालिका, खलीलाबाद