जिला अस्पताल में दवा के लिए लगी भीड़-संवाद
संतकबीरनगर। जिले में ठंड और बढ़ते वायु प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल और सीएचसी में हृदय रोग, सांस की तकलीफ और ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चिकित्सक का कहना है कि बिना प्यास के भी नियमित अंतराल पर गुनगुना पानी पीते रहना चाहिए। इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि सर्द मौसम में धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। उनका कहना है कि ठंड में प्यास कम लगने के कारण लोग पानी कम पीते हैं, इससे खून गाढ़ा हो जाता है। यह स्थिति हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती है।
उन्होंने बताया कि इस तरह के मरीज प्रतिदिन 10 से 15 की संख्या में आते है। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहने से शरीर में रक्त संचार बेहतर रहता है और जोखिम कम होता है। खान-पान को लेकर भी सतर्कता जरूरी बताई जा रही है। तली-भुनी, ज्यादा मसालेदार और फास्ट फूड से दूरी बनाएं। हरी सब्जियां, मौसमी फल, दलिया, सूप और हल्का प्रोटीन युक्त भोजन दिल को मजबूत रखने में मददगार होता है।
डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने शराब और सिगरेट से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी। सर्दी में ये आदतें दिल के लिए और अधिक घातक साबित हो सकती हैं। बुजुर्गों और हृदय रोगियों को सुबह-शाम ठंडी हवा में बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और सिर व गर्दन को ढककर रखने की सलाह दी। साथ ही नियमित दवा, समय-समय पर जांच और हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि अपनाने पर जोर दिया गया है। डॉ. कुमार सिद्धार्थ का कहना है कि सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर सर्दियों में हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।