सेमरियावां। गर्मी के दिनों में बिन पानी के सूखी पड़ी कठिनइयां नदी के दिन अब जल्द ही बहुरने वाले हैं। सबकुछ ठीक रहा तो जल संचयन के तहत कठिनइयां नदी की खुदाई कार्य कर ड्रेन बनेगा। इससे गर्मी में भी अब कठिनइयां नदी में पानी भरा मिलेगा। जिससे पशु पक्षियों को भी राहत मिलेगी।
शनिवार को डीसी मनरेगा प्रभात कुमार द्विवेदी ने सेमरियावां के ब्लॉक कार्यालय में बीडीओ, एपीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम सचिवों और टीए की बैठक में मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान गांव वार सर्वे कर माइक्रोप्लान तैयार किए जाने का निर्देश दिया। इस दौरान मनरेगा के विकास कार्यों में तेजी लाए जाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जल संरक्षण, खेल मैदान के विकास कार्यों की प्रगति में सुधार लाए जाने पर जोर दिया। ब्लॉक के बाघनगर, निपनिया, पुरवां, वासिन, भंगुरा, उंचहराकला, सालेहपुर गांव से आगे चमरसन गांव तक कुल 20 गांव से होकर कठिनइया नदी गुजरती है। इन गांवों में कठिनइया नदी की खुदाई कर ड्रेन बनेगा। इसके लिए गांव वार सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
इससे जल संचयन का कार्य होगा। डीसी मनरेगा ने बीडीओ, एपीओ समेत एडीओ पंचायत से माइक्रोप्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। बीडीओ ने ग्राम सचिवों से फाइल तैयार करने का निर्देश दिया है। डीसी मनरेगा ने बताया कि इससे गांव में जल संचयन होगा और जाबकार्ड धारकों को रोजगार भी मिलेगा।
इस दौरान बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी, एडीओ पंचायत मईनुद्दीन सिद्दीकी, एपीओ योगेंद्र पांडेय, ग्राम पंचायत सचिव योगेंद्र गौड़, रजनी सिंह, कुणाल सिंह, राहुल यादव, मनरेगा पटल सहायक देवेंद्र चौधरी, ब्लॉक टीए उदयभान शर्मा आदि मौजूद रहे।