- मंगलवार को ईओडब्लू टीम विकास भवन पहुंची थी, वर्ष 2009 की पत्रावली नहीं मिली
- आंबेडकर गांव में विकास कार्यों में धन आवंटन में बंदरबांट का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय से गायब पत्रावली के मामले में अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। एक दिन पूर्व जिले में आई अपराध शाखा (ईओडब्लू) टीम को वर्ष 2009 की पत्रावली नहीं मिल पाई। तत्कालीन डीपीआरओ पलटू राम के कार्यकाल में आंबेडकर गांव में विकास कार्यों में हुए धन आवंटन में बंदरबांट का मामला सामने आया है।
जानकारों के मुताबिक जिले के कई ब्लॉकों में मनमाने तरीके से विकास कार्य के लिए धन का आवंटन किया गया था। चर्चा है कि सबसे ज्यादा गोलमाल नाथनगर विकास खंड में कराए गए विकास कार्य में सामने आया था। धन से कुछ ही काम कराए गए बाकी के धन का आपस में बंदरबांट कर लिया गया था। मामले की शिकायत के बाद हुई जांच में बड़े पैमाने पर गोलमाल उजागर हुआ। जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच के लिए अपराध शाखा (ईओडब्लू) टीम को सौंप दिया गया।
मंगलवार को ईओडब्लू की टीम विकास भवन पहुंची और पत्रावली तलब की। कार्यालय में पत्रावली की खोजबीन की गई, जिसके बाद भी पत्रावली नहीं मिली। ईओडब्लू टीम को वापस लौटना पड़ा। इधर पत्रावली न मिलने के वजह से जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही पत्रावली के रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालने वाले पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
कार्यालय में पत्रावली न मिलना गंभीर प्रकरण है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम