छोटे बच्चों के प्रति लापरवाही घातक हो सकती है। अगर बच्चा काफी छोटा है तो उसके हाथ में कोई भी धागा न बांधे। गुरुवार को ऐसा ही मामला जिला अस्पताल पहुंचा। इसमें एक बच्चे के हाथ का चमड़ा धागा बांधने से कट गया था। चिकित्सकों ने बच्चे के हाथ का धागा निकालकर दवा लगा दिया।
कोतवाली क्षेत्र के बड़गो निवासी राम आशीष के दो वर्ष के बच्चे अर्चिता के हाथ में एक वर्ष पूर्व परिजनों ने धागा बांध दिया था। बच्चा जैसे जैसे बड़ा होता गया हाथ मोटा होता गया और धागा चमड़े में फंसता गया। बच्चा जब रोने लगा तो परिजन कुछ समझ नहीं पाते थे। जब बच्चे के हाथों में ज्यादा दर्द होने लगा और हाथ की कलाई से खून निकलने लगा तो परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार त्रिपाठी ने आपरेशन कर बच्चे के हाथ से धागा निकाला।
डॉक्टर संतोष त्रिपाठी का कहना था कि छोटे बच्चों के हाथ में किसी प्रकार का धागा नहीं बांधना चाहिए। बच्चा बड़ा होता है को उसका हाथ भी मोटा होता जाता है। बच्चो का चमड़ा बहुत ही नाजूक होता है। इसकी वजह से धागा चमड़े को काटना शुरू कर देता है। कभी कभी तो धागे से नस कट जाती है। उन्होंने बताया कि बच्चे के हाथ में धागा निकाल लिया गया है। उसके हाथों में दवा लगा दी गई है।