डीएम डॉ. सरोज कुमार ने शनिवार को विकास भवन और जलनिगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इसमें कुछ कर्मचारी जहां अनुपस्थित मिले, वहीं कुछ की लेटलतीफी पकड़ी गई। डीएम ने समय से कार्यालय आने की आदत डाल लेने और दायित्व निर्वहन ठीक से किए जाने की हिदायत दी।
डीएम सबसे पहले विकास भवन पहुंचे। डीपीआरओ कार्यालय, एआर कोआपरेटिव कार्यालय, जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। उसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, डीडीओ, पीडी, मत्स्य, कृषि, लघु सिंचाई, आरईडी, मनरेगा सेल, डीपीओ, जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी कार्यालय आदि दफ्तरों का भ्रमण किया। लघु सिंचाई कार्यालय में एक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जबकि कुछ कार्यालय में कर्मी समय से दफ्तर में नहीं पहुंचे। डीएम ने लापरवाही बरतने वालों को हिदायत दी। उसके बाद डीएम ने जलनिगम कार्यालय का निरीक्षण किया। डीएम ने बताया कि पेय जल कार्यक्रम के तहत बड़गों और जंगलऊन में काम हो रहा है। दोनों गांवों में पहुंच कर कराए जा रहे कार्य का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि जांच में मानक के अनुरूप कार्य का होना नहीं पाया गया है। गुणवत्ता की निगरानी न किए जाने की वजह से जल निगम के एक्सईएन को चेतावनी दी गई है। डीएम ने कहा कि कार्यदाई संस्था के जिम्मेदारों को भी हिदायत दी गई कि यदि गुणवत्ता को ध्यान में रख कर काम नहीं कराया गया तो नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।