नालों और नालियों का पानी साफ कर नदियों और झील में गिराए जाने की मंशा से प्रशासन ने करीब एक साल पहले खलीलाबाद, बखिरा और मगहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया।
खलीलाबाद क्षेत्र में तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो गया, लेकिन बखिरा और मगहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। जिसके चलते अब भी इन क्षेत्रों का गंदा पानी नदियों व झील में गिराया जा रहा है। इससे जलीय जीवों पर असर पड़ रहा है।
प्रशासन ने तीन निकायों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया। इसमें खलीलाबाद, बखिरा और मगहर शामिल हैं। इसके लिए जल निगम को निशुल्क जमीन की चाहिए। इस संबंध में जल निगम ने प्रशासन को पत्र लिखकर जमीन उपलब्ध कराने की पहल की, लेकिन जमीन मिलने में पेंच फंसा रहा।
खलीलाबाद के चोकहर में जमीन मिली तो यहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर काम हुआ और बनकर तैयार हो गया। जबकि बखिरा और मगहर में अब भी जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिसके कारण यहां पर नालियों व नालों का गंदा पानी नदियों व झील में गिर रहा है।
क्या है सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में नालियों, नालों और अन्य स्रोत के गंदे पानी का शोधन किया जाता है। प्लांट के जरिए शुद्ध हुए पानी को ही नदियों और झीलों आदि में छोड़ा जाता है। इससे जल प्रदूषण की संभावना काफी कम हो जाती है और जलीय जीवों को नुकसान नहीं पहुंचता है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि बखिरा और मगहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए जमीन की तलाश कराई जा रही है। इसके लिए भूलेख अधिकारी को परियोजनावार जमीन चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही इन दाेनों स्थानों के लिए भूमि की व्यवस्था हो जाएगी। इससे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।