संतकबीरनगर। आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद रविवार को इस्तीफा देने की घोषणा की। वह संतकबीरनगर में 11 सितंबर 2020 से 17 सितंबर 2022 तक जिलाधिकारी रहीं। उन्होंने यहां दो साल तक कार्य किया। दौरान वे जनसमस्याओं के निराकरण में हमेशा तत्पर रहीं।
17 सितंबर 2022 को दिव्या मित्तल का तबादला कर उन्हें मिर्जापुर का जिलाधिकारी बनाया गया। अपने कार्यकाल के दौरान वह जन समस्याओं के निराकरण को लेकर तत्पर रहीं। इसके लिए वह अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश भी देती रहीं। वह स्वयं फरियादियों की शिकायतों को सुनकर उसका फौरी तौर पर निस्तारण करने के लिए सक्रिय रहती थीं। तहसील दिवस और कलक्ट्रेट में आम जनता से सीधा संवाद कर भूमि विवाद व सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के वह संबंधित विभागों को निर्देश देती थीं।
कोविड की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं, ऑक्सीजन आपूर्ति और टीकाकरण अभियान को बेहतर ढंग से उन्होंने संचालित किया। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए उन्होंने योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित किया। ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए भी तेजी कार्य कराए।
त्यागपत्र मंजूर न किया जाए : लोजपा रामविलास
महुली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष लालचंद्र दुसाध ने आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफा देने की घोषणा पर चिंता जताते हुए केंद्र एवं प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि उनका त्यागपत्र मंजूर न किया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्या मित्तल जैसी संवेदनशील और जनहित के प्रति समर्पित अधिकारी की सेवाएं समाज और देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। लालचंद्र दुसाध ने कहा कि संतकबीरनगर में जिलाधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुकीं दिव्या मित्तल की संवेदनशील कार्यप्रणाली को लोग आज भी याद करते हैं। संवाद