संतकबीरनगर। एडीएम वित्त व राजस्व सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष पुनरीक्षण पूर्व की जाने वाली मतदेय स्थलों के गतिविधियों की तैयारी एवं संभाजन के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। इसमें अवगत कराया गया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए 1200 से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थलों को विभाजित कर नए मतदान केंद्र बनाए जाएं।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आपत्तियों एवं सुझावों के लिए मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन चार जुलाई 2026 को किया जाएगा। एडीएम ने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह अपेक्षा की गई है कि संभाजन के लिए योजना बनाते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि एक पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर मतदेय स्थलों के मध्य यथासंभव सामान्य संख्या में मतदाता हों और कोई भी परिवार न टूटे।
परिवार के सभी सदस्यों को समान अनुभाग एवं समान स्थान पर रखा जाए। उन्होंने बताया कि किसी भी मतदेय स्थल पर 300 से कम मतदाता नहीं हैं एवं किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं हैं। सभी मतदेय स्थलों पर रैंप, पानी, शौचालय, विद्युत, कुर्सी-मेज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित नए मतदेय स्थलों की संख्या आठ है तथा मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण 75 मतदेय स्थलों को अन्य मतदेय स्थलों में समायोजित किया गया है।
इस प्रकार जनपद के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में संभावित कुल मतदेय स्थलों की संख्या 1551 होगी। बैठक में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव रामदरश यादव, जिलाध्यक्ष बसपा झिनकान प्रसाद, प्रदेश महासचिव अपना दल (एस) रामवृक्ष पटेल, जिला महासचिव आम आदमी पार्टी ब्रह्मदेव सिंह सैंथवार, नगर अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी यमुना प्रसाद, एसडीएम खलीलाबाद हृदय राम तिवारी आदि उपस्थित रहे।