संयुक्त जिला अस्पताल में बिजली कटने के बाद जनरेटर न चलाए जाने से इस भीषण गर्मी में मरीज बेहाल हो रहे है। सब कुछ जानने के बाद भी अस्पताल प्रशासन अपनी आंखें बंद किए हुए है। मरीज अस्पताल प्रशासन को कोस रहे हैं।
मई माह में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बेहाल है। वही सरकारी सुविधाएं भी लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। सरकार जहां अस्पतालों में मरीजों को हर तरह की सुविधा देने का प्रयास कर रही है। वही सरकार की मंशा पर कुछ लोग पानी फेरने का कार्य कर रहे है। संयुक्त जिला अस्पताल की दशा भी बदहाल होती जा रही है। यहा पर लाइट करने पर पंखे बंद हो जा रहे है। सोमवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक हो गई। करीब 12 बजे लाइट कट गई। मरीज गर्मी से बेहाल हो गए। हर चिकित्सक के कमरे में मरीजों की भीड़ रही।
कमरे में तो इनवर्टर से पंखा चल रहा था पर बरामदे में पंखा पूरी तरह से बंद हो गया। पंखा बंद होते ही मरीज और उसके परिजन बरामदे से बाहर आ गए और गर्मी से निजात पाने की कोशिश करते रहे। मरीज के साथ आए परिजन रामदीन, जय प्रकाश, सुनील, कमरूद्दीन आदि का कहना था कि वह मरीज को दिखाने आए है। लंबी लाइन लगी है। लाइट कट गई है। भीड़ की वजह से इतनी गर्मी हो रही है कि यहा पर रह पाना मुश्किल है। इसलिए बाहर आ गए है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को जनरेटर आदि चलाना चाहिए।
इंसेट
लाइट कटने के बाद जनरेटर आदि की सुविधा है। इसके साथ ही कमरों में इनवर्टर का कनेक्शन दिया गया है। लाइट कटने के बाद जनरेटर चलाने में देरी हो गई होगी। फिलहाल मरीजों को बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जाता है।
अजीत कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस,