संतकबीरनगर। उमस और गर्मी के बीच मौसमी बीमारियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 1390 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। बड़ी संख्या में मरीज बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याओं की शिकायत लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में साफ-सफाई और खानपान को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
वरिष्ठ फिजीशियन कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि गर्मी के बाद बारिश शुरू होने पर जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दूषित पानी और संक्रमित भोजन के सेवन से पीलिया, डायरिया और पेट संबंधी संक्रमण की समस्या हो सकती है। पीलिया की स्थिति में लीवर भी प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने लोगों को केवल साफ या उबला हुआ पानी पीने तथा खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि खानपान में लापरवाही से पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है। पेट दर्द, गैस, उल्टी-दस्त और कमजोरी जैसी शिकायतें लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
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उमस में बढ़ी त्वचा संबंधी परेशानी
वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम ने बताया कि वातावरण में नमी और उमस बढ़ने से त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शरीर में खुजली, लाल चकत्ते, इचिंग और फंगल संक्रमण जैसी शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं। चर्म रोग की ओपीडी में 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पसीने और नमी के कारण त्वचा पर संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसलिए शरीर को साफ और सूखा रखना चाहिए। किसी प्रकार के चकत्ते या लगातार खुजली होने पर चिकित्सक से जांच कराकर ही दवा का इस्तेमाल करना चाहिए।
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साफ पानी और स्वच्छता पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार के साथ बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। बारिश के मौसम में साफ पानी का सेवन, ताजा भोजन और आसपास स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई करें।