संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की स्वीकृति के लिए दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद के समाधान के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम मेंहदावल राजकुमार ने दोनों पक्षों की बात सुनी। दुआ पढ़ने और जुलूस के नेतृत्व को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पा रही है। मामले में एक पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने एसडीएम से 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राजकुमार सीओ सर्वदवन सिंह के साथ मदरसे पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद थाने पर दोनों पक्षों के साथ बैठक कर जुलूस को लेकर उनकी आपत्तियां और दावे सुने। एसडीएम ने दोनों पक्षों से अपने-अपने विचार लिखित रूप में देने को कहा और आपसी सहमति बनाकर शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस निकालने की अपील की।
बताया जाता है कि दो वर्षों में अलग-अलग पक्षों को जुलूस निकालने की स्वीकृति मिल चुकी है। इसी को लेकर इस बार विवाद की स्थिति बनी है। एक पक्ष ने हाईकोर्ट में पक्षकार बनकर फरियाद रखी है। एक पक्ष के मौलाना अली अहमद दारुल उलूम अहमदिया मेराजुल उलूम के प्रधानाचार्य रहते जुलूस का नेतृत्व करते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी जुलूस को लेकर उनकी भूमिका को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बना है।
मदरसे के प्रबंधक पद को लेकर भी पहले विवाद रहा है। वर्ष 2022 के बाद प्रबंधक अकबाल अहमद के पक्ष में न्यायालय का फैसला आने के बाद जुलूस को लेकर भी विवाद सामने आने लगा। प्रबंधक अकबाल अहमद का कहना है कि जुलूस मदरसे से जुड़ा है, इसलिए मदरसे से जुड़े शिक्षक या अन्य जिम्मेदार लोगों को ही जुलूस की स्वीकृति मिलनी चाहिए और वही दुआ पढ़ाएं।
दूसरे पक्ष की भी अपनी दावेदारी है। प्रशासन दोनों पक्षों के तर्कों और लिखित पक्ष के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई करेगा।ह