बरदहिया बाजार रेलवे क्राॅसिंग के पास मिला शव
-रेलवे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के बरदहिया बाजार रेलवे क्राॅसिंग के पास बृहस्पतिवार की सुबह ट्रेन के चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे की सूचना के बाद मौके पर कोतवाली खलीलाबाद पुलिस पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दिया। मृतक की पहचान बजरंग नगर मोहल्ला निवासी के रूप में हुई। जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी भिजवा दिया।
आरपीएफ एएसआई मजहर अंसारी ने बताया कि कांस्टेबल कमल कुमार मिश्र ने 18 अप्रैल को सुबह 05.32 बजे बताया कि किलोमीटर संख्या 536/4 पर दुर्घटना हो गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे तो वहां पर पहले से मौजूद गेट संख्या 177 के गेट मैन परविंदर यादव ने बताया के ट्रैक पहले से ही क्लीयर है। मृतक पुरुष था और उसकी उम्र लगभग 40 साल रही होगी। जिसका शव अपलाइन पर बगल में पड़ा हुआ है। इसके बाद स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दिया गया। पुलिस चौकी बरदहिया बाजार मौके पर आए। आसपास इकट्ठा भीड़ से पूछताछ करने पर एक व्यक्ति कैलाश पुत्र स्वर्गीय मोहन ने मृतक को अर्जुन उम्र 40 वर्ष पुत्र स्वर्गीय मोहन निवासी बजरंग नगर कसैला के रूप में अपना भाई होना बताया। पुलिस की तलाशी में पहने हुए कपड़े के अलावा मृतक के पास से कुछ बरामद नही हुआ। इसके बाद कोतवाली पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए शव को अपने साथ ले गई। उक्त घटना से कोई भी गाड़ी देर नहीं हुई।
परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत से मची चीख-पुकार
अर्जुन की मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के अनुसार अर्जुन सुबह 5:30 बजे के आसपास शौच के लिए गए थे। जहां पर ट्रेन के चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद घर पर चीख-पुकार मच गई। पत्नी सरोज का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वही बेटी सरिता 16 साल, सचिन 12 साल, रुपाली 06 साल भी पिता के मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गए। अर्जुन राजगीर मिस्त्री थे और दिव्यांग होते हुए भी लोगों के घर निर्माण का कार्य करके परिवार का भरण पोषण करते थे। घटना के मृतक के भाई कैलाश और श्याम सुंदर परिजनों को संभालने में जुटे रहे।
आरपीएफ की सूचना के बाद शव की पहचान होने पर उसको कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौप दिया जाएगा।
आरके सिंह, कोतवाल खलीलाबाद