सर्व शिक्षा अभियान के तहत मगहर के जूनियर हाईस्कूल में चल रहे विकलांग बच्चों का एक्सीलेरेंट लर्निंग कैंप अव्यवस्था का शिकार हो गया है। कैंप शुरू हुए चार माह बीत गए पर अभी तक विकलांग बच्चों को ड्रेस, स्वेटर, कापी किताब आदि सामग्री वितरित नहीं हुई। जिसके चलते लगातार बच्चों की संख्या घट रही है। सब कुछ जानने के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे है।
बता दें कि विकलांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत आवासीय कैंप चलाया जाता है। जहां पर छह से 14 वर्ष तक के विकलांग बच्चे रहते है। मगहर में 14 अगस्त से कैंप शुरू हुआ है। जब कैंप शुरू हुआ तो उस वक्त 90 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया और कैंप में आकर पठन पाठन रुचि दिखाने लगे। बच्चों अपने घर से जो कपड़े लाए थे वही पहन कर कैंप में रह रहे थे। चार माह बीतने के बाद भी बच्चो को ड्रेस, जूता, मोजा, स्वेटर, कापी किताब व अन्य सामग्री का वितरण नहीं किया गया।
इसके साथ ही बच्चो को मिलने वाले भोजन में भी कमी हुई है। कैंप चलाने वाले जिम्मेदार किसी तरह से दुकानों से उधार सामग्री लेकर भोजन की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित कर रहे है। कैंप में अव्यवस्था के चलते धीरे धीरे बच्चों की संख्या घटती जा रही है। सोमवार को कैंप में 65 बच्चे ही मिलेे। 25 बच्चों के अभिभावक अव्यवस्था के चलते कैंप से अपने बच्चो को ले जा चुके हैं। वहीं डीसी समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ्ा ने बताया कि विगत दो माह से खाद्यान्न देने वाली फर्म का भुगतान लंबित है। बच्चों को साबुन, तेल आदि किसी तरह से दिया गया है। ड्रेस, स्वेटर, कापी किताब आदि की पत्रावली उच्चाधिकारियों के वहां प्रेषित की गई है। वहां से अनुमोदन होते ही ड्रेस आदि का वितरण कर दिया जाएगा।