संतकबीरनगर। गर्मी और उमस के बीच पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना दांतों और मसूड़ों की सेहत के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। जिला अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग पाठक ने बताया कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने पर दांतों और मसूड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा गर्मी में पाचन तंत्र गड़बड़ होने पर मुंह में छाले भी पड़ते हैं। बुधवार को दांत की समस्या लेकर कुल 20 मरीज पहुंचे थे।
डॉ. पाठक ने बताया कि मुंह का लार्वा प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली है, जो भोजन के कणों और हानिकारक बैक्टीरिया को साफ करने का काम करती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो मुंह सूखने लगता है और बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप दांतों में सड़न, कैविटी, मसूड़ों की सूजन और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में लोग कोल्ड ड्रिंक, सोडा और अधिक मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, जो दांतों के लिए और अधिक नुकसानदायक हैं। ऐसे पेय पदार्थ दांतों की ऊपरी परत को कमजोर कर देते हैं, जिससे संवेदनशीलता बढ़ जाती है और ठंडा या गर्म खाने-पीने पर दर्द महसूस हो सकता है।
डॉ. अनुराग पाठक ने सलाह दी कि लोग दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, नियमित रूप से सुबह-शाम ब्रश करें और अत्यधिक मीठे व कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचें। उन्होंने कहा कि यदि दांतों में लगातार दर्द, मसूड़ों से खून आना, सूजन या संवेदनशीलता की समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत दंत चिकित्सक से परामर्श लें।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है तथा कई गंभीर दंत रोगों से बचाव संभव है।