100 नंबर पर कॉल करने पर फोन न उठने और पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई न करने की शिकायतों को देखते हुए मॉनिटरिंग व्यवस्था में तब्दीली की कवायद शुरू हो गई है। दो अक्टूबर से ‘डायल 100’ के नाम से शुरू की जा रही इस योजना की मॉनीटरिंग लखनऊ से होगी।
जानकारी मिलने पर यहीं से संबंधित जिले के जिम्मेदारों को सूचनाएं दी जाएंगी। यही नहीं हाईवे पर होने वाली घटनाओं को दूर करने के लिए 100 नंबर पर सूचना देते ही मोबाइल वैन वहां रवाना होगी। इसके लिए हर जिले का डिजिटल मैप बनाया जा रहा है। इसी के तहत जिले में 21 मोबाइल वैन उपलब्ध कराईं जाएंगी। प्रत्येक वैन में दो पुलिसकर्मी और एक ड्राइवर तैनात रहेगा। लखनऊ के अतिरिक्त आपात स्थिति के मद्देनजर विकल्प के तौर पर नोएडा और इलाहाबाद में भी कंट्रोल रूम स्थापित होगा।
वहीं सभी मोबाइल वैन जीपीएस से लैस होंगी। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी स्मार्टफोन से त्वरित कार्रवाई की रिपोर्ट देंगे। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि 100 नंबर पर मिलने वाली हर घटना की सूचना के अनुरूप स्पेशल ऑपरेटिंग प्रोसेसिंग के तहत कार्य होगा। इसकी मॉनीटरिंग लखनऊ से की जाएगी।
इस संबंध में 17 अगस्त को आईजोन की अध्यक्षता में गोरखपुर में कार्यशाला हुई थी। जिले में भी उनके स्तर से प्रत्येक थाने के पांच-पांच पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। 16 से 26 अगस्त तक लखनऊ में चल रहे प्रशिक्षण में जिले में तैनात इंस्पेक्टर बलराम मिश्र और एसआई रामानंद भारती गए हैं। मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है। जिस पर डाटा फीडिंग की जाएगी। 100 नंबर की सूचना पर पुलिस का त्वरित रिस्पांस दिखेगा। यह व्यवस्था पूरी तरह कंप्यूटरीकृत होगी।