धनघटा। जिले में ढाढ़ी और दुसाध जाति में कोई अंतर नहीं है। इसकी पुष्टि जिला सत्यापन कमेटी ने की है। दुसाध कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष लाल चंद्र दुसाध ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने डीएम की अध्यक्षता में अभिजीत दुसाध पुत्र सदानन्द दुसाध निवासी निबाहोरील तहसील धनघटा के परिवार के पक्ष में निर्गत अनुसूचित जाति दुसाध का प्रमाण पत्र का परीक्षण करते हुए गुण दोष के आधार पर अनुसूचित जाति दुसाध का प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है।
तहसीलदार धनघटा रामजी ने अभिजीत दुसाध, सुरजीत दुसाध व चंद्रजीत दुसाध पुत्रगण सदानन्द दुसाध तथा सदानंद दुसाध पुत्र करिया का जाति प्रमाणपत्र अनुसूचित जाति दुसाध प्रमाण पत्र जारी किया है। जबकि दुसाध और ढाढ़ी में पेंच लगाकर तहसीलदार धनघटा ने अपने आख्या में बताया कि जो लोग दुसाध जाति के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। उनके पूर्वज पुराने अभिलेख 1359 फसली व 1356 फसली के खसरा में ढाढ़ी जाति दर्ज हैं। संवाद