मकर संक्रांति के अवसर पर सरयू नदी के बिड़हर घाट पर स्नान करते श्रद्धालु ।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था डुबकी
घाघरा और कुआनो नदी के घाटों पर उमड़ी भीड़
भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर की पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मकर संक्रांति पर्व पर सरयू नदी के बिड़हर, मयंदी, रामबाग और चहोड़ा घाटों पर श्रद्धालुओं ने रविवार को आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की।
रविवार की भोर से सरयू और कुआनो नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कुआनो नदी के मुखलिसपुर, महेश्वरपुर, पीड़िया, कटार मिश्र आदि घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर दान-पुण्य किया। ठंड की परवाह न कर पवित्र नदियों में जय-जय गंगे के जयघोष के साथ स्नान करना शुरू कर दिया। बिड़हर घाट पर लगे मेले में महिलाओं और बच्चों ने खरीदारी की।
मान्यता है कि सूर्य जब दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं तो शादी विवाह के साथ शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। राम जानकी मंदिर के पुजारी पंडित महेश का कहना है कि सूर्य उपासना का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का विशेष महत्व है।