धनघटा। महा रविवार पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने मां सरयू के घाटों पर स्नान दान व सूर्य को अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना की। भोर से सरयू के विभिन्न घाटों में मयंदी, चहोड़ा, बिडहड़ घाट पर श्रद्धालुओं कि भीड़ लगनी शुरू हो गई।
श्रद्धालुओं ने सरयू के जल में स्नान करने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र तथा अन्य सामग्री का दान की। ज्योतिषाचार्य पंडित कृपा शंकर पांडेय के अनुसार इसी दिन भगवान सूर्य का जन्म हुआ था। इस व्रत के देवता सूर्य हैं। यह सूर्य ग्रह की शांति के लिए किया जाता है।
सूर्य समस्त ग्रहों के अधिपति होने से इस व्रत को करने से समस्त ग्रहों के भी दोष समाप्त हो जाते हैं और भगवान सूर्य देव की कृपा भी प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि व्रती समस्त कष्टों से मुक्त होकर असीम सुखों को प्राप्त करता है। इस दिन का व्रत आरोग्यता प्रदान कराने वाला होता है।