संतकबीरनगर। सेमरियावां ब्लॉक में विकास कार्य में अनदेखी का आरोप लगाते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने सोमवार को कलक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। एसडीएम, एडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने काफी मनाने का प्रयास किया लेकिन सदस्य नहीं माने और अब तक हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगने लगे। करीब डेढ़ घंटे बाद डीएम आलोक कुमार ने सदस्यों को सभागार में बुलाया और उनकी बातें सुनीं। इसके बाद दो दिन का समय मांगा और फिर आगे की कार्रवाई की बात कही।
सेमरियावां ब्लॉक के पूर्व प्रमुख और वर्तमान प्रमुख मजहरून्निशा के बेटे मुमताज अहमद के नेतृत्व में काफी संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्रामीण 11 बजे करीब कलक्ट्रेट पहुंच गए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद डीएम कक्ष के सामने धरने पर बैठ गए। काफी संख्या में लोगों के पहुंचने की सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंच गई। पूर्व प्रमुख मुमताज अहमद ने कहा कि सेमरियावां में चार साल से विकास कार्य ठप है।
विपक्षी के जरिए कार्यों की फर्जी जांच करवाने के नाम पर बार-बार कार्यों को अवरूद्ध कराया गया है। सेमरियावां ब्लॉक के विरुद्ध जो भी शिकायतें आती हैं तो शासनादेश के अनुसार स्टांप पेपर पर शपथ पत्र के माध्यम से ही लेनी चाहिए, लेकिन बिना शपथ पत्र के शिकायती पत्रों को संज्ञान में लिया जा रहा है जो सही नहीं है। विपक्षियों के जरिए फर्जी शिकायत पत्र देकर विकास कार्य को अवरूद्ध किया जा रहा है।
चार साल से क्षेत्र पंचायत सदस्य एक भी विकास कार्य नहीं करा पाए हैं। इसके लिए सीएम ने 24 अप्रैल 2025, 13 जून 2025 ने आदेश दिया था कि विकास कार्य नियमानुसार कराया जाए। उसके बावजूद भी कार्य शुरू नहीं कराने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएम ने जो भी आदेश दिया था उस पर क्या कार्रवाई हुई है उससे अवगत कराया जाए। क्षेत्र पंचायत के विकास में जो भी अधिकारी व कर्मचारी भागीदार हो उनकी जांच करवाकर कार्रवाई की जाए, जिससे की भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न होने पाए।
धरने के दौरान एडीएम जय प्रकाश पहुंच गए। उन्होंने सदस्यों से बातचीत की लेकिन सदस्य नहीं माने और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगने लगे। पूर्व प्रमुख मुमताज ने कहाकि शासन से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी।
उसे अब तक क्यों नहीं भेजा गया। इसके बाद डीएम आलोक कुमार ने सदस्यों से कलक्ट्रेट सभागार में बुलाया और उनकी बातों को सुना और दो दिन में जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की बात कही। जिसके बाद सदस्या वापस लौट गए। इस दौरान कलक्ट्रेट पर फोर्स तैनात रही।
धरने में यह लोग रहे मौजूद
राम कुमार, अब्दुल हकीम, बदरे आलम, तबस्सुम, रविंद्र कुमार, रामदास, उबैदुर्रहमान, कमलेश, अदील अहमद, सुभावती देवी, अतीफा खातून, मिथिलेस, फूलचंद पटेल, साधना, मीरा देवी, रीता देवी, फरीदा खातून, मीना देवी, गुलअफशां, फखरूल इस्लाम, नौशाद अली, मुमताज अहमद, जियाउद्दीन शामिल रहे।