शांतिदास के साथ हुई मारपीट के बाद फिर विवाद आया सामने
मुख्य पुजारी के लिए बताया जा रहा विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कबीर चौरा मठ पर मारपीट का मामला नया नहीं है। इससे पूर्व भी गद्दी पर महंत के लिए विवाद हो चुका है। वाराणसी से संचालित कबीर चौरा मठ पर वर्तमान में महंत विचार दास काबिज हैं। कुछ वर्ष पहले विवाद के चलते उन्हें हटाया गया था। उसके बाद फिर वह मठ पर काबिज हो गए। उनके चेले शांतिदास के साथ मारपीट की घटना से फिर एक बार विवाद सामने आ गया है।
मगहर स्थित कबीर चौरा पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक स्थल है। इस मठ के महंत रामसागर साहेब का वर्ष 1990 में निधन हो गया। उसके बाद महंत विचार दास मठ के महंत बने। महंत विचार दास के महंत बनने के बाद से ही विवाद शुरू हो गया। वर्ष 2008 से यह विवाद खुल कर सामने आ गया। कबीर चौरा मठ का संचालन वाराणसी से होता है। वर्ष 2009 में विवाद के चलते महंत विचार दास को मठ से हटना पड़ा था। कुछ माह बाद फिर वह इस पर पर काबिज हो गए। तबसे लगातार मठ के लिए विवाद चलता आ रहा है। वाराणसी के कुछ महंत इस पर कब्जे के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही है।
इधर, बृहस्पतिवार को मठ के मुख्य पुजारी को कुछ लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि मुख्य पुजारी का विवाद चल रहा है। दूसरा पक्ष इसपर किसी और को बैठाना चाहता है। महंत विचार दास ने बताया कि अनिल दास लगातार मठ के संचालन में बाधा डाल रहे हैं। वह अपने किसी साथी को मुख्य पुजारी बनाना चाहते हैं। इसे लेकर कुछ दिन पहले भी विवाद हुआ था, लेकिन किसी तरह से शांत कराया गया। बृहस्पतिवार को पुजारी शांति दास को लोगों ने उसी विवाद के चलते मारपीट दिया। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस को सभी मामलों से अवगत कराया गया है।