काली जगदीशपुर बुलडोजर से गिराया जा रहा टीन शेड
धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के ग्राम काली जगदीशपुर में चौकी पुलिस पर विवादित भूमिधारी की जमीन में बने टीन शेड को बिना किसी आदेश के बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा देने का गंभीर आरोप लगा है। विरोध की आशंका को लेकर बुलडोजर कार्रवाई से पूर्व प्रधान प्रतिनिधि सहित तीन लोगों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया था। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
काली जगदीशपुर में भूमिधरी की जमीन को लेकर मनीष कुमार और राजीव कुमार के बीच सिविल न्यायालय में केस प्रचलित है। जिस पर न्यायालय का स्थगन आदेश भी है। भू-स्वामी मनीष का आरोप है कि उसी भूमि के एक हिस्से पर प्रतिवादी ने तीन मंजिल का मकान बनवाया और उन्होंने अपने हिस्से पर दीवाल खड़ी करके टीन शेड रखा था।
आरोप है कि सोमवार को चौकी इंचार्ज काली जगदीशपुर ने पहले तो एसडीएम के आने के नाम पर प्रधान प्रतिनिधि अंकित चौधरी सहित दो लोगों को चौकी पर ले जा कर बैठा दिया। बाद में बुलडोजर बुलवाकर बने आशियाने को तोड़वाने लगे। उसी समय कानून-गो हीरालाल और लेखपाल सत्येंद्र भी मौके पर पहुंच गए। पीड़ित के परिजनों ने जब टीन शेड गिराने का मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया लिखित आदेश मांगा तो राजस्व कर्मियों ने कहा कि उनके पास टीन शेड गिराने का कोई आदेश नहीं है। उन्हें सिर्फ मौके पर पहुंचने का दूरभाष पर आदेश मिला है। ध्वस्तीकरण के संबंध में चौकी इंचार्ज ही स्पष्ट बता सकते हैं। आरोप है कि ध्वस्तीकरण के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए प्रधान प्रतिनिधि को तो छोड़ दिया लेकिन अमन पुत्र रामदीन, उपेंद्र पुत्र केसरी प्रसाद को हिरासत में लेकर शांतिभंग में चालान कर दिया गया।
मनीष का आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी और किसी लिखित आदेश के बिना चौकी प्रभारी ने मेरे आशियाने को मनमाने तरीके से गिरा दिया। इसके खिलाफ वह न्यायालय की शरण में जाएंगे। इस संबंध में चौकी प्रभारी ललित कांत यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।