संतकबीरनगर। इन दिनों जिले में कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट को अंजाम दिया जा रहा है। मुनाफे का लालच और ग्राहकों की अज्ञानता का फायदा उठाकर कई व्यापारी खाद्य सामग्रियों में मिलावट करते हैं। अगर आप देसी घी खा रहे है तो सतर्क हो जाइए। इसमें भी मिलावट की जा रही है। इससे लोगाें के स्वास्थ्य पर कई तरह के खतरे आते हैं। खाद्य विभाग के जरिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है।
देसी घी का सेवन हम में से अधिकतर लोग करते हैं। खानपान से जुड़ी चीजों में घी को मिलाने से उसका स्वाद काफी बढ़ जाता है। बाजार में मिलावटी घी की बिक्री काफी तेजी से की जा रही है। जिले में आस पास जिलों से भी लोकल देसी घी की सप्लाई दी जाती है। यह घी 600 रुपये से लगाय 650 रुपये किलो तक बिकते हैं। जबकि शुद्ध देसी घी 1000 से 1100 रुपये किलो बिक रहा है।
लोग सस्ते में मिल रहे घी को खरीदते हैं। जिसकी वजह से पेट से संबंधित तमाम प्रकार की बीमारियों को जन्म देते हैं। ऐसे में देसी घी खरीदते समय सावधानी बरते और उसकी जांच स्वयं कर लें। जिले में प्रतिदिन 10 कुंतल देसी घी की खपत दुकानदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि लोकल कंपनी की घी गोरखपुर मंडी से मंगाते हैं। जिसकी काफी डिमांड होती है। क्याेंकि यह सस्ता होता है।