संतकबीरनगर। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। जनवरी से अब तक 36 मरीज मिल चुके है। डेंगू के ज्यादातर मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है, लेकिन जिले में इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिम्मेदाराें की लापरवाही के कारण ब्लड सेपरेशन यूनिट अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इससे मरीज परेशानी में पड़ गए हैं और उन्हें प्लेटलेट्स की व्यवस्था के लिए दूसरे जनपद की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सीएचसी खलीलाबाद स्थित जिला ब्लड बैंक संचालित होता है। इसी परिसर में दो साल पहले ब्लड सेपरेशन यूनिट का निर्माण हुआ। इस यूनिट के निर्माण से एक यूनिट रक्त से चार प्रकार के रक्त तैयार किए जाने हैं। इसमें प्लेटलेट्स भी शामिल है, लेकिन अभी तक यूनिट का संचालन शुरू नहीं हुआ और योजना अधर में लटकी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि टीम ने सर्वे किया है जल्द ही लाइसेंस मिलने की उम्मीद है।
इधर जिले में डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए है। जनवरी से अब तक 36 मरीज मिल चुके है। तीन दिन पूर्व तीन मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ का कहना है कि डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स अगर 20 हजार से कम होता है तो उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया जाता है। ऐसी स्थिति में ही प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है। इसका इंतजाम मरीज को खुद करना होता है। स्वास्थ्य महकमा डेंगू के मरीज को लेकर गंभीर नहीं है। अगर किसी मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ी तो उसे फिर गोरखपुर या बस्ती ही जाना पड़ेगा। ऐसे में उसका समय भी जाया होगा।
ब्लड सेपरेशन यूनिट के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है। दिल्ली से टीम आई थी। यूनिट का सर्वे किया है। उम्मीद है कि जल्द ही लाइसेंस जारी हो जाएगा। जिससे यहां पर प्लेटलेट्स का निर्माण शुरू हो जाएगा।
- डॉ. एपी मिश्र, प्रभारी ब्लड बैंक
ब्लड सेपरेशन यूनिट क्यों नहीं शुरू हुआ। इसके बारे में पता कराया जाएगा। लाइसेंस क्यों नहीं मिला, इसकी जानकारी की जाएगी, ताकि मरीजों को जिले में ही प्लेटलेट्स की सुविधा मिल सके।
- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ