स्वास्थ्य विभाग जुलाई में मनाएगा डेंगूरोधी माह
- डेंगू से बचाव व रोकथाम के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डेंगू से बचाव के लिए जुलाई महीने को डेंगू रोधी माह के रुप में मनाया जाएगा। इस दौरान डेंगू के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। स्कूलों के शिक्षकों को भी डेंगू बीमारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अपर सीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. वी.पी. पांडेय ने बताया कि जनपद के लोगों को डेंगू से बचाने के लिए डेंगू रोधी माह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बेसिक व माध्यमिक शिक्षाविभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके जिले के सभी विद्यालयों के एक-एक शिक्षक को चयनित कर करके डेंगू से बचाव के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। डेंगू से बचाव व रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। सप्ताह में एक दिन पानी के टैंक, बाल्टी, टायर आदि मच्छरों के प्रजनन स्थलों का निरीक्षण करके उसका उन्मूलन किया जाएगा। आशा कर्मी घर-घर भ्रमण करेंगी। यह घर के आंगन, छत व आसपास खाली पड़े प्लॉट में निष्प्रयोज्य सामग्री को नष्ट कराने के लिए गृह स्वामी व अन्य लोगों को प्रेरित करेंगी।
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सर्विलांस पर भी दिया जोर
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि डेंगू के वाहक एडीज मच्छर पैदा न हों, इस बात पर अधिक जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मलेरिया विभाग से जुड़ी टीम जिले में घूमेंगी तथा सरकारी कार्यालयों, दुकानों तथा लोगों के घरों जहां पर साफ पानी जमा होने तथा मच्छर पैदा होने की संभावना है, वहां पर लार्वा की चेकिंग करेंगी। लार्वा मिलने पर पहली बार नोटिस और दूसरी बार जुर्माने का प्रावधान है। टीम लोगों को इस बात के लिए जागरूक भी करेंगी कि वह अपने घरों, टीबी और फ्रिज तथा अन्य स्थानों पर पानी न जमा होने दें।
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यह होते हैं डेंगू के लक्षण
डेंगू के मरीज को तीव्र बुखार होता है। मसूडों से खून आने लगता है। आंखों की कटोरियों में काफी दर्द होता है। मांसपेशियों में भी दर्द होता है। साथ ही साथ शरीर में बेचैनी होती रहती है।
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जिले में उपलब्ध है यह सुविधा
जिले में हर ब्लॉक लेवल पर डेंगू के रैपिड जांच की सुविधा के साथ ही इलाज की भी सुविधा है। मरीज के रक्त के सीरम को जांच के लिए सेंटीनल लैब भेजने की भी सुविधा है। वहीं जिला अस्पताल पर डेंगू वार्ड के साथ ही सेंटीनल लैब की सुविधा है जहां पर मरीज के रक्त का एलाइजा टेस्ट करके डेंगू कंफर्म किया जा सके। जिला अस्पताल परडेंगू के मरीजों के लिए 10 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच मच्छरदानी युक्त वार्ड की व्यवस्था की गई है।