संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मियों ने एक्सईएन मेंहदावल के कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी को तत्काल वापस लिए जाने की मांग किया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर अभय सिंह ने कहा कि इस नीति में निजी कंपनियों को यूनिवर्सल सप्लाई ऑब्लिगेशन से मुक्त किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि निजी कंपनियां केवल शहरी और लाभ वाले क्षेत्रों में बिजली सप्लाई करेंगी और ग्रामीण, कृषि एवं गरीब उपभोक्ताओं को सरकारी डिस्कॉम के हवाले छोड़ दिया जाएगा। इससे सरकारी डिस्कॉम और घाटे में चले जाएंगे। संघर्ष समिति के पदाधिकारी देवप्रकाश कुमार ने कहा कि इस नीति से बिजली दरों में अनियंत्रित वृद्धि होगी। किसानों को मिलने वाली रियायती बिजली व्यवस्था भी बदहाल हो जाएगी। सिंचाई की लागत बढ़ेगी, जिससे खेती महंगी होगी।
गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को महंगी और अनियमित बिजली की समस्या झेलनी पड़ेगी।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, अरविंद केजरीवाल, गणेश मिश्रा, अशोक पटेल, विशाल कुमार, श्रीराम, शिवम गुप्ता, सर्वेश विश्वकर्मा, विजय वाल्मीकि, रविंद्र कुमार चौधरी, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, सुनील प्रजापति, धीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।