संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व कर्मियों के हित में नहीं है। ऐसे में इसे वापस लिया जाए।
विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर अमित सिंह ने कहा कि कर्मियों की मेहनत के बदौलत तमाम सुधार हुए है। इसके बाद भी झूठे आंकड़ों के आधार पर निजीकरण की साजिश की जा रही है। इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी नवनीत सिंह ने कहा कि जब सरकारी वितरण कंपनियां लगातार बेहतर परिणाम दे रही हैं, तब उत्तर प्रदेश की करोड़ों की सार्वजनिक परिसंपत्तियों को निजी घरानों के हवाले करना जनविरोधी कदम है। निजीकरण की स्थिति में किसानों और गरीब उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने तथा बिजली दरों में वृद्धि की पूरी आशंका है।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, विवेकानंद नायक, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, पुष्पेंद्र भारती, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति, अशोक कुमार, शिव प्रकाश मौर्य, रंजन कुमार, राम लखन, कपिलदेव, विजय कुमार, मनीष मिश्रा, संजय यादव, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, मनोज यादव आदि शामिल रहे।