बखिरा क्षेत्र के तलकुलवा गांव में हुए विवाद के मामले में मंगलवार को पुलिस ने दोनों पक्षों के 44 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया। इधर, एक पक्ष के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने का घेराव किया। बाद में पुलिस के आश्वासन के बाद लोग शांत माने। घटना को लेकर गांव में तनाव कायम है। शांति व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस गांव में कैंप कर रही है।
मंगलवार को हियुवा के जिला प्रभारी आनंद शंकर पाठक की अगुवाई में काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष बखिरा थाने पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने का घेराव किया। लोगों का आरोप था कि पहले तो नए रास्ते से लोग जुलूस ले गए तो कुछ लोगों से तकरार हुई। पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो मामला शांत हो गया। रात में दूसरे पक्ष के कुछ लोगों को ने मारपीट कर पांच-छह लोगों को घायल कर दिया। यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
हियुवा जिला प्रभारी ने मामले से संबंधित मांग पत्र भी एसओ को दिया और कार्रवाई की मांग की। एक पक्ष के वीरेंद्र पासी का आरोप था कि 12 दिसंबर की रात करीब नौ बजे वह गांव के ही विनोद के वहां मुंडन कार्यक्रम में गए थे। वहां से घर लौट रहे थे। रास्ते में ही याकूब उसे इदरीश के घर के पास लेकर गए। वहां पहले से मौजूद करीब 35-36 लोगों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत उसे गाली गलौज देते हुए मारे पीटा। जिससे उसका सिर फट गया। जान बचाने के लिए वह हीरालाल के घर में घुसा तो वहां भी उसे मारापीटा गया।
घर की तरफ भागने पर बीच बचाव में आईं उसकी मां व अन्य चार लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। इसी सूचना किसी ने पुलिस को दिया तो कुछ देर बाद पुलिस पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में भी मकान की छत से विपक्षियों ने ईंट-पत्थर फेंके। बाद में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस फोर्स पहुंच गई और हालात पर काबू पाया गया। जबकि दूसरे पक्ष के मेराज ने भी सात लोगों पर मारने-पीटने,गाली गलौज,जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इंस्पेक्टर अनिल सिंह ने बताया कि तरकुलवा गांव में जुलूस के लिए सड़क पर सजाए गए गुब्बारे को रात में फोड़ने की वजह से दो पक्षों में मारपीट हुई।
एक पक्ष के वीरेंद्र पासी की तहरीर पर विपक्षी नियाज, सेराज, उस्मान, अनवर अली समेत कुल 37 लोगों के विरुद्ध गोलबंद होकर घर में घुस कर मारने-पीटने,ईंट पत्थर चलाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जबकि दूसरे पक्ष के मेराज की तरफ से विपक्षी ओमकार, पुजारी, संतोष समेत सात लोगो पर गोलबंद होकर मारने-पीटने,गाली गलौज और जानमाल की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। वीरेंद्र और मेराज को गिरफ्तार करते हुए शांति भंग की आशंका में चालान किया गया। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक सब इंसपेक्टर समेत 12 पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। कानून तोड़ने और माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।