मगहर। धारा मुस्लिम समाज के अनुसूचित जातियों को आरक्षण देने की मांग को लेकर सोमवार को पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश संगठन मंत्री आजम चौधरी के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें मुस्लिमों को उनके हक दिलाने की मांग की गयी है।
प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा कि गया है कि ब्रिटिश शासन काल में 1936 तक और स्वतंत्रता के बाद भी अनुसूचित जातियों में सभी धर्मों के लोगों को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्राप्त था। परंतु भारत सरकार द्वारा 10 अगस्त 1950 से आरक्षण जारी रखते हुए इसमें हिन्दू शब्द जोड़ दिया, जो ब्रिटिश शासनकाल में नहीं था। यह मुस्लिम समुदाय के साथ एक बड़ा संवैधानिक अन्याय था।
जस्टिस सच्चर समिति और जस्टिस रंगनाथ मिश्रा समिति की रिपोर्ट में मुस्लिम समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को अनुसूचित जातियों से भी बदतर बताया गया। इन समितियों ने मुस्लिम अनुसूचित जातियों को शामिल करने और उन्हें तत्काल सरकारी सहायता प्रदान करने की सिफारिश की, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया।
इस दौरान यासिर जाम, अफरोज बादल, मीनू सिंह, पंचराम चौहान, बृजेश निषाद, दीपक जायसवाल, ओबैदुन्नबी, फुजैल रहमानी, मेंहदी हसन, मिनहाज मलिक आदि मौजूद रहे।