सेमरियावां। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। इसे बढ़ाने की मांग को लेकर ग्राम प्रधान 20 मई को लखनऊ जाएंगे। इसे लेकर सेमरियावां ब्लाॅक प्रधान संघ तैयारियों में जुट गया है।
ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने की निर्धारित तिथि 26 मई नजदीक आते ही गांवों की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या पंचायतों की जिम्मेदारी प्रशासन के हाथों में जाएगी, इसे लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
ऐसे में प्रधानों, पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों के बीच विकास कार्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि बिना जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी के विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। गांवों में चल रहे नाली-खड़ंजा निर्माण, पंचायत भवन, शौचालय निर्माण, आवास योजना और मनरेगा जैसे कार्यों में देरी की आशंका जताई जा रही है। कई प्रधानों ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि पांच वर्षों में शुरू किए गए कई कार्य अभी अधूरे हैं और उन्हें पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलना चाहिए। वहीं ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि पंचायतों की कमान प्रशासन के हाथ में जाती है तो छोटे-छोटे कामों के लिए भी ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ समय से नहीं मिल पाएगा। ग्रामीणों ने जल्द पंचायत चुनाव कराने या वर्तमान व्यवस्था को कुछ समय के लिए जारी रखने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। विभिन्न दलों के स्थानीय नेता अपने स्तर पर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटे हैं। हालांकि ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारी अभी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
उनका कहना है कि शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। प्रधानों ने स्वयं को जनप्रतिनिधि बताते हुए कहा कि नए चुनाव होने तक उन्हें ही कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए।
सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम प्रधान, 121 बीडीसी सदस्य और पांच जिला पंचायत सदस्य के पद हैं। सेमरियावां ब्लाॅक प्रधान संघ अध्यक्ष मो. इनामुल्लाह कुरैशी ने प्रशासक नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा कि इससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश भर के प्रधान 20 मई को लखनऊ पहुंचकर सरकार से कार्यकाल बढ़ाने की मांग करेंगे।