संतकबीरनगर। धनघटा तहसील के ग्राम पंचायत नाथनगर में जमीन पट्टा का मामला डीएम के दरबार में पहुंच गया है। ग्राम पंचायत के कई सदस्यों ने नोटरी शपथ पत्र के साथ डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। ग्राम पंचायत सदस्यों ने पूरे मामले की जांच कराकर पट्टा निरस्त कराने के साथ ही मामले में दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
भिटनी दुधारी उर्फ नाथनगर निवासी मुंशीलाल की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे ग्राम पंचायत सदस्य निशार अहमद, कलीमुल्लाह, जाफर अली, सर्वेश कुमार, महेश कुमार आदि ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। उनका कहना है कि जनवरी 2024 से पूर्व ग्राम प्रधान स्वर्गीय रामखदेरन बीमार चल रहे थे। उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था और लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही 6 अगस्त को ग्राम प्रधान की लखनऊ में मौत हो गई थी। तत्कालीन डीएम ने सर्वेश कुमार को मनोनीत ग्राम प्रधान नामित किया।
पूर्व प्रधान ने कभी भी अपनी मौजूदगी में आवासीय पट्टा नहीं किया और न ही प्रस्ताव, बैठक व डुग्गी-मुनादी ही कराई गई। जिस व्यक्ति से प्रस्ताव में डुग्गी-मुनादी करना दर्शाया गया है उसने अपने शपथ पत्र में डुग्गी-मुनादी न करने की बात स्वीकार किया है। इसके बावजूद कुल 11 लोगों को हल्का लेखपाल ने कूट रचित दस्तावेज तैयार करके पूर्व प्रधान का फर्जी हस्ताक्षर दिखाते हुए उच्चाधिकारियों को गुमराह करके 21 अक्तूबर 2024 को आवासीय पट्टा स्वीकृत करा दिया।
पत्रावली का प्रकाशन करके फर्जी नोटिस चस्पा कर दिया। पट्टा धारकों से ही हस्ताक्षर कराकर दिखाया गया कि उस पर ग्राम पंचायत के सदस्यों का हस्ताक्षर है। ग्राम वासियों के हस्ताक्षर के स्थान पर पट्टा धारकों के परिवार के लोगों से सिग्नेचर कराया गया। ग्राम पंचायत सदस्यों ने डीएम से पूरे मामले की जांच कराकर स्वीकृत पट्टा को निरस्त कर मामले में संलिप्त आरोपियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।