संयुक्त जिला चिकित्सालय के महिला अस्पताल से डिलिवरी के मरीजों को प्राईवेट नर्सिंग होम में भेजा रहा है। ऐसी शिकायत आशा कार्यकर्ता और मरीज के घरवालों ने सीएमओ से की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने सीएमएस को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
आशा कार्यकर्ता माया सिंह का आरोप है कि बरईपार निवासी जीतन प्रसाद की बेटी संगीता का प्रसव होना था। जिसे 14 मई को स्वास्थ्य उप केंद्र बखिरा ले जाया गया। जहां पर प्रसव न होने की दशा में 108 नंबर के एंबुलेंस से संयुक्त जिला अस्पताल में 15 मई को सुबह पांच बजे लाया गया। वहां पर मौजूद स्टाफ नर्स के जरिए मामूली जांच के बाद स्टाफ नर्स ने अस्पताल में आपरेशन की व्यवस्था न होने का हवाला दिया और खलीलाबाद शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम का नाम बताते हुए वहां भर्ती कराने को कहा। नर्स से काफी निवेदन किया गया, पर वे नहीं मानी और अपने एक कर्मचारी के साथ प्राइवेट नर्सिंग होम में भेज दिया। प्राईवेट नर्सिंग होम ले जाकर प्रसूता को भर्ती कराया।
वहीं प्रसूता के परिजन जीतन प्रसाद, दीपू आदि ने भी स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया। आशा कार्यकर्ता में सीएमओ का पत्र देकर स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में है। सीएमएस को पूरे मामले की जांच को कहा गया है। जांच के बाद जिस कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।