बाग में रस्सी से लटका मिला युवक का शव, हत्या की आशंका
- धनघटा क्षेत्र के गौरापार गांव का मामला
- पुराना ट्रैक्टर खरीदने और बेचने का काम करता था युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/ रोसया बाजार। बृहस्पतिवार की सुबह धनघटा क्षेत्र के गौरापार गांव के पास स्थित बाग में आम के पेड़ की डाल में युवक का लटका शव मिला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। मृतक की जेब में मोबाइल और आधार कार्ड मिला, जिसके आधार पर घटना की सूचना उसके घर दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नगर पंचायत हैसर बाजार धनघटा के मिठना सिठना वार्ड निवासी गिरजेश का 28 वर्षीय पुत्र सुशील पुराना ट्रैक्टर खरीदने और बेचने का काम करता था। परिजनों का कहना है कि बुधवार की सुबह करीब नौ बजे घर से बाइक लेकर घर से निकला और देर शाम तक घर नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे। बृहस्पतिवार की सुबह सूचना मिली कि घर से करीब आठ किलोमीटर दूरी पर स्थित गौरापार गांव के पास स्थित बाग में शव मिला है। सुशील का शव पेड़ की डाल में रस्सी से लटका था। उसके पैर और हाथ में चोट के निशान भी थे।
परिजनों का कहना है कि सुशील का इधर आना-जाना कभी नहीं था। यहां कैसे और क्यों पहुंचा जांच के बाद ही पता चलेगा। एसओ अनिल कुमार ने बताया कि मृतक की जेब में मिला मोबाइल डिस्चार्ज होने की वजह से बंद था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही उसके मौत के कारण का पता चल सकेगा।
हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा मौत का राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल पर टिकी पुलिस की निगाहें
धनघटा। क्षेत्र के गौरापार गांव के पास स्थित बाग में बृहस्पतिवार की सुबह 28 वर्षीय युवक की मौत का राज उलझता नजर आ रहा है। पुलिस की निगाह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल के कॉल डिटेल पर टिकी है।
नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के मिठना सिठना वार्ड निवासी गिरजेश यादव का बड़ा बेटा सुनील विदेश रहता है। छोटा बेटा सुशील घर पर रहकर पुराना ट्रैक्टर खरीदने और बेचने का काम करता था। सुनील की शादी हो चुकी है जबकि सुशील की शादी नवंबर माह में लालगंज थाना क्षेत्र के सुरसा गांव में होना तय था। शव को देखने वाले लोगों का कहना है कि उसका पैर जमीन से एक फीट ऊपर था। बाइक उसके बगल में गिरी थी। चप्पल भी वहीं पर था। उसके शरीर पर चोट के निशान भी देखे गए। जहां सुशील का शव लटका हुआ था उसके थोड़ी दूर पर शराब की शीशी और गिलास भी फेंकी गई थी।
गौरापार के लोगों का कहना है की मृतक सुशील दिन में दो-तीन चक्कर इधर आया था, लेकिन शाम को करीब छह बजे वह धनघटा में अपने दोस्तों से मिला था।