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सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं, किसान परेशान

Fri, 17 Nov 2017 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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विकास खंड हैंसर क्षेत्र के एक साधन सहकारी समिति पर खाद के लिए जुटे किसान। - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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हैंसर। साधन सहकारी समितियों पर एक सप्ताह से डीएपी उपलब्ध नहीं है। ऐन वक्त पर खाद की किल्लत से किसान दर-दर भटक रहे हैं। किसानों का कहना है कि बुआई के मध्य समय डीएपी की किल्लत होने से प्राईवेट दुकानदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं और खाद की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में है। 
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 विकास खंड हैंसर बाजार में नौ तथा पौली में सात साधन सहकारी समिति संचालित होती है। साधन सहकारी समिति पौली, अजांव, शनिचरा बाजार, बंडा बाजार, नावन खुर्द, अशरफपुर, कोचरी, खांजो समेत किसी भी समिति पर एक सप्ताह से डीएपी नहीं है। यहां तक कि इस इलाके में खाद का सर्वाधिक सप्लाई करने वाले यूपी स्टेट एग्रो से भी डीएपी कई दिनो से गायब है।

किसान रामजीत, शिवपूजन, जनक लाल, रामदेव, शंकर, मोतीलाल, रामलौट आदि का कहना है कि सहकारी समितियों एवं सरकारी गोदामों पर डीएपी न होने से प्राइवेट दुकानदारों के वहां से अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है। बुआई के मध्य समय में अचानक डीएपी की किल्लत का भरपूर लाभ प्राइवेट दुकानदार उठा रहे हैं। इससे बुआई भी प्रभावित हो रही है। 
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साधन सहकारी समिति सचिव संघ के जिलाध्यक्ष मोतीलाल यादव ने खाद की कमी के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदार बताया। उनका कहना है कि एआर कोऑपरेटिव ने पीसीएफ को पत्र जारी कर बगैर उनके हस्ताक्षर के समितियों को खाद नहीं देने को कहा है। अब आलम यह है कि खोजने पर अधिकारी मिल ही नहीं रहे हैं।

इससे उनका हस्ताक्षर नहीं हो पा रहा है और पीसीएफ खाद नहीं दे रहा है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि कोनी गोदाम पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध है। जिन समितियों के सचिव पैसा जमा कर रहे हैं, उन्हें गोदाम से डीएपी मिल रही है। प्राइवेट दुकानदारों को निर्धारित 1050 रुपये प्रति बोरी की दर से ही डीएपी की बिक्री किए जाने का निर्देश दिया गया है। यदि कहीं कोई निर्धारित दर से अधिक मूल्य लेता है और शिकायत मिलती है जो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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