संतकबीरनगर। देसी घी में मिलावट पर विभाग सख्त हो गया है। इसकी बिक्री पर रोक लगाने के लिए घी बनाने वाली डेयरी की जांच होगी। इसके अलावा गोरखपुर के सिकरीगंज इलाके से आने वाले देसी घी की भी निगरानी होगी, जिससे मिलावटी घी दुकानों तक न पहुंच सके।
जिले की सीमा से लगे सिद्धार्थनगर और बस्ती में चार ब्रांड के देसी घी में मिलावट सामने आने के बाद विभाग सतर्क हो गया है। इन कंपनियों के घी न बेचने के निर्देश पहले ही दे दिए गए हैं, वहीं डेयरी की जांच करके भी मिलावट पर अंकुश लगाया जाएगा। जनपद में ब्रांडेड कंपनियों के घी के अलावा स्थानीय स्तर पर भी देसी घी तैयार करके बाजार में बेचा जाता है। दूध उत्पादन करने वाली डेयरी से देसी घी तैयार कर दुकानों व लोगों को बेचा जाता है।
खलीलाबाद-धनघटा रोड के कई गांवों में डेयरी से देसी घी तैयार किया जाता है। इसके अलावा गोरखपुर के सिकरीगंज, खजनी इलाके से भी घी हैंसर, धनघटा क्षेत्र में आता है। इन्हीं स्थानों से जिले के अन्य बाजारों में भी पहुंचता है। जानकारों के मुताबिक देसी घी के नाम पर इसमें वनस्पति तेल, महुआ के बीज (कोइना) का तेल आदि मिलाया जाता है। इसके अलावा घी की महक बनाए रखने के लिए इससे संबंधित केमिकल भी मिलाया जा सकता है। अब मिलावटी घी की बिक्री रोकने के लिए डेयरी की विभाग जांच करेगा। इसके पहले शहर के अलग-अलग मॉल से विभाग देसी घी के नौ नमूनों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज चुका है।
-
कोट,
बाजार में मिलावटी घी की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए समय-समय पर जांच की जाती है। घी तैयार करने वाली डेयरी की भी जांच की जाएगी, जिससे शुद्ध घी लोगों को मिल सके।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य व औषधि प्रशासन
-
सिद्धार्थनगर, बस्ती में फेल मिले हैं नमूने
सिद्धार्थनगर व सूबे के मुजफ्फरनगर में नेचुरल राजधानी, हरियाणा फूड और मदर बेस्ट के देसी घी के नमूने लिए गए थे। जांच में यह खराब मिले। मदर बेस्ट ब्रांड के नमूने में निर्धारित मानक से कम गुणवत्ता पाई गई, जबकि नेचुरल राजधानी, हरियाणा फूड के नमूने में बाहरी वसा की मिलावट सामने आई। बस्ती में दिल्ली डेयरी ब्रांड का देसी घी जांच में फेल मिला। इस घी में ब्यूट्रो रेफ्रेक्टोमीटर बीआर बढ़ा पाया गया, इससे मिलावट की पुष्टि होती है। इसमें वनस्पति तेल व अन्य हानिकारक सामग्री शामिल हो सकती है। इन चारों ब्रांड के देसी घी की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।