500 और 1000 रुपये के पुराने नोट चलन से बंद होने के बाद जिले में मांग के अनुरूप करेंसी नहीं मिली। यदि जल्द करेंसी उपलब्ध नहीं कराई गई तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं। हालांकि डीएम ने दोबारा आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर डिमांड के सापेक्ष 100 रुपये उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।वहीं उन्होंने गुरुवार शाम को आरबीआई के एजीएम डी सोनी से भी इस संबंध में फोन पर बात की। एजीएम ने उन्हें जल्द ही रकम मिलने का आश्वासन दिया।
डीएम सुरेश कुमार ने 13 नवंबर को लीड बैंक मैनेजर और सभी बैंकों के नोडल अफसरों के साथ बैठक करके बैंकिंग सुविधा और करेंसी की जरूरत और उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की थी। 16 नवंबर को फिर डीएम ने लीड बैंक मैनेजर और मुख्य शाखा प्रबंधक स्टेट बैंक खलीलाबाद से जानकारी हासिल की। आरबीआई के एजीएम को स्थिति से अवगत कराने और डिमांड के सापेक्ष करेंसी उपलब्ध कराने की मांग के संबंध में पत्र भेजा है। डीएम ने बताया कि प्रयासों के बावजूद अब तक 100 करोड़ रुपये की मांग के सापेक्ष मात्र एक बार में 20 करोड़ रुपये ही मिले हैं। जबकि 45 करोड़ रुपये पहले से मौजूद थे। जनपद में प्रतिदिन औसतन पांच करोड़ रुपये का आहरण किया जा रहा है।
यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के अनुरूप खाताधारकों को धनराशि के वितरण के बजाए विभिन्न बैंक शाखाओं में उपलब्धता के सापेक्ष अधिक से अधिक लोगों को सुविधा अनुमन्य कराने के लिए एक बार में अनुमन्य सीमा 10 हजार रुपये अत्यधिक और कहीं- कही 1000 रुपये या तो 2000 रुपये ही दिया जाना संभव हो पा रहा है। एसपी को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया जाए। डीएम ने आम जनता से अपील की है कि वह धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आरबीआई से 100 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है और जल्द ही धन उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन भी मिला है।