मदरसा अरबिया ग्लोबल एकेडमी मजीदाबाद सेमरियावां में अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम
सेमरियावां। मदरसा अल-हिरा ग्लोबल एकेडमी मजीदाबाद सेमरियावां में अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत महिला सशक्तीकरण पर गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने महिलाओं को अधिकार के प्रति जागरूक किया। साथ ही महिलाओं को समाज व देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला बताया। गोष्ठी में 250 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
मुख्य अतिथि मोहम्मद हारून ने कहा कि घर से लेकर कौम और मुल्क को संवारने में महिलाओं की अहम भूमिका है। महिलाएं संकोच खत्म कर पुरुष के बराबर खड़ी हो रही हैं। भारत को एक मजबूत देश बनाने में महिलाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है। शिक्षिका रूशदा अंजुम ने कहा कि इस्लाम धर्म में भी महिलाओं को बहुत ज्यादा इज्जत दी गई है। इस्लाम धर्म में महिला के अधिकारों पर जोर दिया गया है। इस्लाम में महिलाओं को बहुत ऊंचा स्थान दिया गया है, उन्हें जीवन के हर हिस्से में महत्व दिया गया है। मां, पत्नी, बेटी, बहन, विधवा और चाची-मौसी के रूप में भी उसे सम्मान दिया गया है। कुरआन पाक में साफ कहा गया है कि मां के प्रति कृतज्ञ होने का मतलब है मेरे (खुदा) के प्रति कृतज्ञ होना।
प्रधानाचार्य माशूक अहमद ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का अर्थ है समाज में महिलाओं की हिस्सेदारी को पुरुषों के बराबर बनाना है। महिला सशक्तीकरण से महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र हो पाएंगी। लैंगिक समानता को कम करने के लिए महिला सशक्तीकरण बहुत आवश्यक है। महिला सशक्तीकरण का मुख्य उद्देश्य समाज का समग्र विकास करना है।
शिक्षिका नजीफा खातून ने कहा कि चिकित्सा खेल आदि में महिलाएं अहम रोल अदा कर रही हैं। सरकार भी बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान चला रही है। मौलाना नौशाद नदवी ने कहा कि महिलाएं बेहतर कार्य कर रही हैं। महिलाएं सभी क्षेत्रों में आगे हैं। महिला सशक्तीकरण के लिए सबसे उचित कदम महिलाओं को तालीम दिलाना है। आज के युग में महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। सभी क्षेत्रों में महिलाएं आगे हैं।
इस दौरान अरुण कुमार, आशीष शर्मा, आकाश कुमार, मोहम्मद मुजम्मिल नदवी, राजेश यादव आदि मौजूद रहे।