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Sant Kabir Nagar News: आर्थिक मजबूती का आधार बन रही भरुआ मिर्च की खेती

Tue, 05 Mar 2024 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- पूर्वांचल की मंडियों में पहुंच रही लाल मिर्च
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र में भरुआ मिर्च की खेती किसानों के आर्थिक समृद्धि का आधार बन रही है। क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में सफलता पूर्वक भरुआ मिर्च की खेती की जा रही है। मांग को देखते हुए धनघटा मंडी से लाल मिर्च की पैदावार पूर्वांचल की मंडियों में पहुंच रही है।

मंडी में बढ़ी रौनक

धनघटा क्षेत्र में पिछले दिनों मौसम बेहतर होने के बाद किसानों को पैदावार की उचित कीमत मिलने लगी है। धनघटा क्षेत्र में लाल मिर्च की खेती पूर्वांचल में मशहूर है। यहां का लाल मिर्च पूर्वांचल के विभिन्न जिलों की मंडियों में पहुंचाई जाती है। धनघटा की मंडी में सुबह व्यापारियों द्वारा किसानों से लाल मिर्च की खरीदारी शुरू हो जाती है। क्षेत्र के हैंसर व पौली के विभिन्न गांवों में लाल मिर्च की खेती किसानों की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। हैंसर ब्लाक के औराडाड़, हकीमपुर, रामपुर दक्षिणी, डेबरी, अशरफपुर, जगदीशपुर, तुरकौलिया, चपरा पूर्वी, खैरगाढ़, उमरिया बाजार, कटया, बालमपुर, मैलिया, हरेवा, ठकुराडाड़ी, अलाइचक, लहुरेगांव, धनघटा, टेमा आदि गांवों में भरुआ मिर्च बड़े पैमाने पर की जाती है।
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क्षेत्र में किसानों को नही मिलता प्रोत्साहन
पौली क्षेत्र के चौरा कला गांव के किसान रामा चौधरी ने बताया कि भरूवा मिर्चा की खेती मौसम की कृपा पर निर्भर करती है। भरुआ मिर्च की खेती को बढ़ावा देने में विभागीय उदासीनता देखी जाती है। कहा कि एक में एकड़ में यदि देखें तो लगभग 70 से 80 हजार रुपये की लागत लगती है। अच्छी उपज होने पर दो से ढाई लाख रुपये की आमदनी होती है। पौली क्षेत्र के किसान अशोक चौधरी ने बताया क्षेत्र में भरुआ मिर्च की खेती को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया जाता है। यदि प्रोत्साहन मिले तो धनघटा क्षेत्र भरुआ मिर्च की खेती का हब बन सकता है। अकेले चौराकला में ही लगभग सौ बीघे भरुआ मिर्च की खेती होती थी, लेकिन प्रोत्साहन के अभाव में भरुआ मिर्च की खेती का रकबा घटता गया।
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केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र में नकदी फसल को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर किसानों की गोष्ठी व प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भरुआ मिर्च की खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है।
- अरविंद कुमार सिंह, अधीक्षक कृषि विज्ञान केंद्र बगही
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