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Sant Kabir Nagar News: आज शिवालयों में उमड़ेगी भक्तों की भीड़

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महुली से बाबाधाम के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना। संवाद
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संतकबीरनगर/हरिहरपुर। श्रावण मास का बृहस्पतिवार को पहला दिन है। एक महीने तक क्षेत्र के शिवालयों में श्रद्धालु शिव की पूजा-अर्चना करेंगे। जिलेभर के लोगों के आस्था का केंद्र तामेश्वरनाथ धाम में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस दौरान मेले का आयोजन भी होगा। भक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहेगा। तामेश्वरनाथ धाम में सावन महीने में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। खासकर सोमवार को परिसर में शिवभक्तों की भारी भीड़ होती है। पूर्व प्रधान नरेंद्र नाथ भारती ने बताया कि रविवार की शाम को ही कांवड़ियों का जत्था सरयू से जल लेकर मंदिर परिसर में पहुंच जाता है और रात 12 बजे के बाद शिव का जलाभिषेक शुरू हो जाता है। दूर दराज से दुकानें भी परिसर में सज चुकी हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी न होने होने पाए, इसके लिए प्रशासन की ओर मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं।
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जलाभिषेक के लिए लगने वाली श्रद्धालुओं की लाइन के लिए बैरिकेडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। नगर पालिका खलीलाबाद के सफाई कर्मचारियों ने परिसर की साफ-सफाई पूरी कर ली है। मुख्य शिव मंदिर में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। जलाभिषेक के दौरान होने वाली भीड़ को संभालने के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा और चेन स्नेचिंग की घटना को रोकने के लिए परिसर में महिला पुलिस की भी तैनाती रहेगी। डिगेश्वर नाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ सकती है परेशानी ः बेलहर। जिले के विकासखंड बेलहर कला अंतर्गत ग्राम पंचायत मठियापार में स्थित प्राचीन शिव मंदिर बाबा डिगेश्वर नाथ धाम पर सावन मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। सावन मास शुरू होने के साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते की बदहाल स्थिति श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में रास्ते पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हर वर्ष सावन के दौरान श्रद्धालुओं को इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर मंदिर पहुंचना पड़ता है।
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