- मेंहदावल बाईपास पर रही सर्वाधिक भीड़, रोडवेज की बसें कम चलीं
- गोरखपुर से बस्ती जाने के लिए इंतजार करती रहीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। रक्षाबंधन त्योहार पर मेंहदावल बाईपास पर महिलाएं बस्ती, मेंहदावल, गोरखपुर जाने के लिए पहुंची, लेकिन रोडवेज की बसें कम चलीं, जिनकी वजह से महिलाओं को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा। परिवहन निगम के कर्मी महिलाओं को बसों में बिठाने में लगे रहे। किसी तरह से लोग धक्का-मुक्की कर बसों में चढ़े।
सरकार ने रक्षाबंधन पर्व पर रविवार रात 12 से सोमवार रात 12 बजे तक परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा के निर्देश दिए थे। महिलाएं सुबह से ही भाइयों के घर जाने के लिए बच्चों के साथ निकली थीं। मेंहदावल बाईपास पर महिलाओं की सर्वाधिक भीड़ देखी गई। रोडवेज बसों के इंतजार में महिलाएं बैठी रहीं। हालांकि निजी बसें भी थी लेकिन मुफ्त यात्रा की वजह से महिलाओं ने रोडवेज बसों में ही यात्रा करना मुनासिब समझा।
मेंहदावल बाईपास पर खड़ी महुली निवासी संगीता देवी, अर्चना ने बताया कि गोरखपुर जाना है। बस का इंतजार कर रही हैं, जो बसें आई भी उनमें काफी भीड़ थी, जिसकी वजह से वह दूसरी बस का इंतजार कर रही हैं। इसी तरह से बस्ती जाने के लिए बाईपास पर खड़ी सारिका, सुमन, बिंदू ने बताया कि रोडवेज बस का इंतजार कर रही हैं। रक्षाबंधन पर सरकार ने मुफ्त में सफर करने का निर्देश दिया है, जिसका लाभ उठाएंगे।
परिवहन विभाग के स्टेशन प्रभारी टीएन दुबे ने बताया कि जो बसें आ रही हैं उनमें काफी भीड़ है, फिर भी महिलाओ को बसों में सीट दिलाने जा रहा है। बसें पर्याप्त हैं, राखी को देखते हुए अतिरिक्त बसें भी चल रही हैं।
धनघटा और मेंहदावल के लिए नहीं मिली रोडवेज की बसें
रक्षाबंधन पर सरकार ने हर मार्ग पर परिवहन निगम की बस चलाने का दावा किया था, लेकिन मेंहदावल बाईपास से धनघटा और मेंहदावल के लिए बसें नहीं चलीं। सिर्फ एक-एक बस चलने से लोगों को निराश होना पड़ा। ज्यादातर लोग निजी वाहनों से सफर किए।
मेंहदावल बाईपास पर जाम से जूझते रहे लोग
रक्षाबंधन पर मेंहदावल बाईपास और आजाद चौक पर कई बार जाम की समस्या उत्पन्न हुई। यातायात पुलिस कर्मी जाम समाप्त कराने में जूझते रहे। बाईपास पर महिलाओं के साथ ही पति व बच्चे भी बसों में सफर करने के लिए पहुंचे थे, जिसकी वजह से भीड़ थी। इस दौरान वाहन भी सड़कों पर खूब नजर आए, जिसके चलते जाम की समस्या हर घंटे लगी रही। यही हाल आजाद तिराहे का था, वहां भी लोग जाम से जूझते नजर आए।