संतकबीरनगर। सड़क दुर्घटनओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने मिशन जीरो फेटलिटी यानी शून्य मृत्यु दर शुरू किया है। यातायात निदेशालय के निर्देश पर इस मिशन के तहत क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया गया है। जिले में तीन थानों को इस प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित किया गया है। इसके लिए पांच पुलिस कर्मियों की टीम तैनात की गई है। जिसे विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचानी होगी। सड़क सुरक्षा के तहत पहले फेज में सर्वाधिक दुर्घटना वाले तीन थाना क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इनमें कोतवाली खलीलाबाद, धनघटा और महुली थाना शामिल हैं। जहां पर क्रिटिकल कॉरिडोर टीम बनाई गई है। वर्ष 2025 में 309 सड़क दुर्घटनाओं में 206 लोगों की मौत हुई है। जबकि 164 लोग घायल हुए थे। इनमें ज्यादातर हादसे इन्हीं तीनों थाना क्षेत्रों में हुए थे। इसकी वजह से प्रथम चरण क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को तैनात किया गया है।
टीम में शामिल लोग ऐसे करेंगे काम
प्रत्येक थाना पर गठित की गई पांच सदस्यीय क्रिटिकल कारीडोर टीम में एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल व तीन कांस्टेबल होंगे। इन्हें अलग से वाहन उपलब्ध कराया जा रहा है। टीम ब्रीथ एनलाइजर, बाडीवार्न कैमरा, रिफ्लेक्टर जैकेट आदि उपकरण से सुसज्जित रहेगी। टीम शाम छह बजे से लेकर रात 9 बजे तक वाहन चेकिंग के साथ ही दुर्घटना पर तत्काल मौके पर पहुंचेगी और घायलों को समय से अस्पताल पहुंचाएगी। यही टीम दुर्घटना के मामलों की जांच भी करेंगी। हर महीने होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आंकड़ों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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पुलिस टीम को किया गया है प्रशिक्षित
क्रिटिकल कारिडोर टीम को रिजर्व पुलिस लाइन में 14 जनवरी को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इस प्रशिक्षण में कर्मियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट व सीपीआर की बारीकियां सिखाई गईं। टीम को बताया गया कि दुर्घटना के समय सांस की नली को कैसे खुला रखा जाए। साथ ही हृदय गति रुकने की स्थिति में घायल को जीवन रक्षक सहायता देने के बारे में बताया गया।
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जिले के तीन थानाें में क्रिटिकल काॅरिडोर टीम का गठन किया गया है। ये टीमें सड़क दुर्घटना को कम करने में सहायक होंगी। रिस्पांस टाइम को कम से कम करके घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाएगा। -सुशील कुमार सिंह, एएसपी