फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मूर्ति विसर्जन के दौरान मगहर में बवाल हुआ

Sat, 14 Nov 2015 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/संतकबीरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार की रात लक्ष्मी प्रतिमा के विसर्जन के जुलूस के दौरान मगहर कस्बे में कुछ अराजक तत्वों ने जमकर ईंट पत्थर चलाए और गुमटियों में आग लगा दी। इस बीच कुछ मूर्तियां भी आंशिक रुप से क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस ने लाठियां भांजकर स्थिति को नियंत्रित किया।
विज्ञापन

 घटना में 12 से अधिक लोगों को चोटें आई। मौके पर एसपी, एएसपी, सीओ पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर डटे रहे। पुलिस ने इस मामले में 12 नामजद समेत 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया। पुलिस ने आठ लोगों को मौके से हिरासत में लिया।
मगहर में  मूर्ति विसर्जन के जुलूस के दौरान शाम साढ़े पांच बजे के करीब एक युवक ने मोबाइल से फोटो खींच लिया था, जिसको लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए थे। पुलिस ने सक्रियता बरत कर मामले को शांत करा दिया था। रात पौने ग्यारह बजे जुलूस के वापसी के दौरान शेरपुर चौराहे पर फिर कुछ लोगों में कहासुनी शुरू हो गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि ईंट पत्थर चलने शुरू हो गए।
विज्ञापन

इसमें कुछ मूर्तियां आशिंक रुप से क्षतिग्रस्त हो गई और कई लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन मामला शांत नहीं होने की दशा में पुलिस ने लाठियां भांजी और भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद काजीपुर के धोबी टोला में कुछ अराजक तत्वों ने दो गुमटियों में आग लगा दी और चूड़ीफरोश मोहल्ले में कुछ गुमटियों को पलट दिया। शेरपुर, मिल चौराहा तक ईंट पत्थर फेंके जाने की घटना में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। शेरपुर से जब पुलिस काजीपुर पहुंची, तब वहां से भीड़ को खदेड़ी तो हालात काबू में आया। चौकी इंचार्ज मगहर भगवान सिंह का आरोप था कि जुलूस परंपरागत मार्ग से होता हुआ शीश मस्जिद शेरपुर के पास पहुंचा था। एक समुदाय विशेष के लोग एक राय होकर तलवार आदि से लैश होकर जुलूस के सामने आ गए।
 आरोप था कि जुलूस को आगे बढ़ने में बाधा उत्पन्न करने लगे। समझाने पर लोग उत्तेजित हो गए और पुलिस फोर्स को गालियां देते हुए राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए जुलूस में शामिल लोगों को निशाना बनाते हुए जान से मारने की नीयत से ईंट पत्थर फेंकने लगे। जिसमें जुुलूस में शामिल राजाराम निवासी धोबी टोला काजीपुर समेत कई अन्य लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। इन अराजकों के जरिए धार्मिक उन्माद की स्थिति पैैदा कर दी गई।
दो गुमटियों में आग भी लगा दिए।
चौकी इंचार्ज की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद हुसेन, नसीबुद्दीन, अख्तर हुसेन, मोइनुलहक, इरशाद, वसीउल्लाह, समीर, मोहम्मद वसीर, मोहम्मद कलीम अशरफ निवासीगण शेरपुर, मोहम्मद वसीम निवासी रानीसागर, परवाज, तनवीर निवासी तकिया बाजार तथा 200 अज्ञात के खिलाफ बलवा, मारपीट, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा, हत्या के प्रयास, सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश व विभिन्न एक्ट के तहत केस दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपी मोहम्मद वसीम, नसीबुद्दीन, अख्तरहुसेन, मोइनुलहक,इरशाद, वसीउल्लाह, समीर और मोहम्मद कलीम को हिरासत में लिया। दूसरी तरह काजीपुर कसाई टोला निवासी रिंकू कन्नौजिया और राजाराम का आरोप था कि वह लोग अपने घर में सो रहे थे। उसी बीच काफी संख्या में लोग उसके घर में घुस आए।
आरोप था कि लोग उन्हें और परिवार की ज्ञेनमती, सरोज, निर्मला, धर्मेंद्र और योगेंद्र को बुरी तरह से मारपीट कर घायल कर दिए। घायलों को लोग एबुलेंस से जिला अस्पताल ले गए, जहां से सिर में गंभीर चोट आने से डॉक्टर ने एक्स- रे के लिए बस्ती जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
पीड़ित ने कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है। एसपी बी पी श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सक्रियता से बड़ा बवाल टल गया। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें