एक ओर जिला प्रशासन राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींच रहा है वहीं शुक्रवार को वृंदावन में सुबह 6 से 6:30 बजे प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर के आसपास ड्रोन कैमरा उड़ता देखे जाने से हड़कंप मच गया। सबसे बड़ी बात कैमरा कौन आपरेट कर रहा था, यह अब तक रहस्य बना हुआ है।
प्रेेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर के ऊपर और आसपास 150 से 200 मीटर की ऊंचाई पर कैमरानुमा उपकरण उड़ता देखा गया। पहले मंदिर के लोग समझ नहीं पाए कि यह क्या है। बाद में ड्रोन कैमरा होने की आशंका पर मोबाइल से इसके फोटो खींच लिए। इसी कैमरे को शाम के समय भी उड़ता देखा गया।
मंदिर प्रबंधन ने इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। मोबाइल फोन से लिए गए फोटो भी दिखाए। शनिवार को जांच के लिए स्थानीय खुफिया यूनिट (एलआईयू) की टीम वृंदावन पहुंची। समाचार दिए जाने तक टीम के हाथ कोई सुराग नहीं लग सका था।
वृंदावन में लोगों ने शुक्रवार को ड्रोन कैमरे से रिकार्डिंग किए जाने की सूचना दी थी। यहां किसी को ड्रोन कैमरे से रिकार्डिंग की अनुमति नहीं है। जांच कराई जा रही है। ऐसा करने वाले का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शैलेश पांडेय, एसपी सिटी