आग ने खेवसिया गांव में शनिवार को जमकर कहर बरपाया। इसमें नौ परिवारों का आशियाना जल कर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार दाने- दाने को मोहताज हो गए। वहीं एक परिवार की खुशियां छीन गई। पोती की जलने से जहां मौत हो गई, वहीं पोता जिंदगी- मौत के बीच जूझ रहा है। इतना ही नहीं झोपड़ी में रखे छोटे बेटे की शादी के जुटाए सामान भी राख हो गया।
गांव के अन्य पीड़ित परिवार के साथ 55 वर्षीय राम रतन की झोपड़ी के अलावा अलग रह रहे बड़े बेटे संदीप का आशियाना भी आग से जल गया। संदीप की तीन साल की बेटी जूही की झुलसने से जहां मौत हो गई, वहीं पांच साल का बेटा शिवम् जिला अस्पताल में जिंदगी मौत से संघर्ष कर रहा है। आठ जून को रामरतन के दूसरे बेटे हरिकेश की शादी तय है।
झोपड़ी के साथ बेटे की शादी के जुटाए सामान भी जल गए। आग की लपटों ने सामान के साथ- साथ पीड़ित परिवार की उम्मीदों को भी जला दिया। घटना से पीड़ित परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल था। बेटी की मौत पर संदीप बेसुध थे। गांव के अग्रि पीड़ितों के रहने और खाने का कोई सामान घर में नही बचने से सभी चिंतित थे । पीड़ित परिजनों को यह चिंता सता रही थी कि अब वह नया आशियाना कैसे बनाएंगे और घर का चूल्हा कैसे जलेगा। सूचना पर सपा विधायक अलगू प्रसाद चौहान और बसपा नेता नीलमणि भी पहुंच गए। लोगों ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया।