दुधारा क्षेत्र के कैथवलिया गांव में शनिवार को बंदरों के हमले में छात्रा की छत से गिरकर मौत हो गई। सूचना पर पुलिस टीम के साथ नायब तहसीलदार भी पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण पोस्टमार्टम न कराने की मांग पर अड़ गए। बाद में पुलिस ने पंचनामा करने के बाद शव को घरवालों को सौंप दिया।
कैथवलिया गांव की रहने वाली अमीना(22) पुत्री रियाज अहमद बीए प्रथम अंतिम वर्ष की छात्रा थी। वह अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी। पिता ने उसकी शादी भी तय कर दी थी। शनिवार को वह छत पर कपड़ा फैलाने गई थी। इसी दौरान दो बंदरों ने उसके ऊपर पर हमला बोल दिया और वह छत से नीचे गिरकर घायल हो गई।
आसपास के लोगों की मदद से परिजन घायल छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इकलौती बेटी की मौत से पिता रियाज अहमद और शाहिदुन्निशा का रो रो कर बुरा हाल था। पीड़ित परिजनों ने रोते हुए बताया कि छात्रा अमीना घर की दुलारी थी। उसकी शादी बस्ती जनपद के वाल्टरगंज क्षेत्र में दो मई को तय थी। शादी में ही उसकी विदाई भी होनी थी, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
घटना से गांव के लोग बंदरों के आतंक से सहम गए थे। बाद में सूचना पर विधायक लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद, लड्डन चौधरी,रामअतर यादव, बबलू चौधरी आदि लोग पहुंच गए और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। एसओ अनिल सिंह ने बताया कि परिजनों की मांग पर पंचनामा के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।