संतकबीरनगर। पुलिस ने मंगलवार को मेंहदावल क्षेत्र के टड़वरिया चौराहा और परसा पांडेय गांव के पास से घेरेबंदी करके अंतर्जनपदीय वाहन चोर गैंग के छह बदमाशों को आठ बाइकों के साथ गिरफ्तार किया।
चोर बाइकों को नेपाल में बेचने के लिए ले जाने वाले थे। अभी तक की पड़ताल में बरामद तीन बाइकों के बारे में पता चला है कि वह बृजमनगंज, कैम्पियरगंज और पुरंदरपुर थाना क्षेत्र से चुराई गई थी।
एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि स्वाट टीम प्रभारी महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी, सर्विलांस टीम प्रभारी धर्मेंद्र तिवारी और एसआई मोतीचंद ने सूचना के आधार पर मेंहदावल क्षेत्र के टड़वरिया चौराहे के पास से घेरेबंदी करके चोरी की एक बाइक के साथ तीन वाहन चोरों को पकड़ा।
पूछताछ में पकड़े गए लोगों की पहचान योगेश मौर्य उर्फ दुर्गेश मौर्य, उमेश साहनी निवासीगण माधवपुर थाना कैम्पियरगंज जिला गोरखपुर और राकेश भारती निवासी दयालूपुरवा थाना कैम्यिरगंज जनपद गोरखपुर के रूप में हुई।
पूछताछ में बरामद बाइक के बारे में बताया कि तीन अप्रैल को महराजगंज जिले के बृजमनगंज से चुराए थे। जिसका नंबर यूपी 32 करके था, जो याद नहीं है। पहचान मिटाने के लिए नंबर प्लेट बदल कर यूपी 56 डी- 4104 लगा दिया है।
आगे बताया कि चोरी की सात बाइकों को परसा पांडेय गांव के पास स्वास्थ्य केंद्र के खंडहर भवन में छुपा कर रखा है, जहां गैंग के तीन अन्य साथी भी मौजूद है। वह लोग मेंहदावल कस्बे में किराए पर डीसीएम की तलाश में आए थे।
डीसीएम मिलने पर चोरी की आठों बाइकों को बेचने के लिए नेपाल ले जाते। आगे बताया कि पकड़े गए वाहन चोरों की निशानदेही पर संयुक्त पुलिस टीम ने परसा पांडेय स्वास्थ्य केंद्र के भवन से चोरी की सात बाइकों के साथ गैंग के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में तीनों वाहन चोर महराजगंज जिले के निवासी निकले। जिनकी पहचान राजेश गुप्ता निवासी जंगल जोगिया बारी थाना फरेंदा, संदीप कुमार निवासी वागापार थाना कोतवाली और गंगेश्वर चौरसिया निवासी मथुरानगर थाना फरेंदा जनपद महराजगंज के रूप में हुई।
पकड़े गैंग के सदस्यों ने बताया कि वह सभी महराजगंज के कस्बा फरेंदा, रनियापुर, मोहनापुर, बृजमनगंज, धानीबाजार एवं कैम्पियरगंज, गोरखपुर व संतकबीरनगर के मेंहदावल से बाइकों की चोरी करके अपने घरों के आस-पास छुपा कर रखते थे।
बाइकों की पहचान बदलने के लिए नंबर प्लेट बदल देते है और इंजन नंबर व चेचिस नंबर को खुरच कर मिटा देते थे। जब आठ-दस की संख्या में बाइकें हो जाती थी तो फर्जी नंबर प्लेट लगा कर गंतव्य स्थान पर ले जाकर चोरी की बाइकों को फिर इकठ्ठा करते थे।
डीसीएम से चोरी की बाइकों को अपने तय एजेंट तक पहंचाते थे, जिनके जरिए ग्राहकों को सेट करके रखते थे। फिर एजेंट के माध्यम से चोरी की बाइकें नेपाल में बिक जाती थी। उससे मिलने वाली रकम आपस में बांट लेते थे। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम दिया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मेंहदावल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
एजेंट भी आए पुलिस के निशाने पर
संतकबीरनगर। चोरी की बाइकों को नेपाल में खपाने वाले गैंग के एजेंट अब पुलिस के निशाने पर आ गए हैं। पुलिस एजेंट के बारे में जानकारी जुटा रही है। गैंग के सदस्य चोरी के तो तरीके बताए है उसके मुताबिक उनके पास मास्टर चाभी होती है।
हैंडिल पर चोर का झटका मारते है तो सिंगिल लॉक टूट जाता है और फिर बाइकों को चुरा कर ले जाना आसान हो जाता है। बरामद बाइकें कहां-कहां से चुराई गई हैं, इसके बारे में भी पुलिस जानकारी एकत्र कर रही है।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि दस दिनों के भीतर पुलिस ने अलग-अलग तीन वाहन चोर गैंग के सदस्यों को पकड़ कर जहां जेल भेजा है, वहीं चोरी की गाड़ियां भी बरामद हुई है।
तीनों गैंग के सदस्यों से अलग- अलग हुई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पूर्वांचल के जनपदों से चुराई गई बाइकें नेपाल में बेची जाती है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि वह बाइकों में डबल लॉक लगवाना सुनिश्वित करें, जिससे बाइकों की सुरक्षा हो सकें।