संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र शर्मा ने आठ वर्ष पुराने मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास व तीन आरोपी को दस वर्ष कारावास की सजा व 25 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
22 अक्टूबर 2009 को बखिरा के नंदौर निवासी हसन ने बखिरा थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि उसके पट्टीदार ने उसके पिता नियाज अहमद को रास्ते के विवाद को लेकर बुरी तरह से मारे पीटे। जिससे पिता की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर विवेचना की।
इस मामले में विवेचना के बाद आरोप पत्र विवेचक द्वारा कोर्ट में प्रेषित किया गया। जिसमें गवाही शुरू हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता सुभद्र नाथ राय ने बताया कि गवाहों की गवाही व साक्ष्यो के आधार पर जिला जज उमेश चंद्र शर्मा ने आरोपी इश्तियाज को आजीवन कारावास व शमशाद, इरशाद, इश्तियाक को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई व 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।